एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप: चिंकी ने भारत को दिलाया 11वां ओलंपिक कोटा, फाइनल में पहुंची
- 2012 से निशानेबाजी कर रही हैं चिंकी लेकिन सीनियर स्तर पर यह उनका पहले वर्ष है
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चिंकी यादव ने शुक्रवार को यहां 14वीं एशियाई चैंपियनशिप में महिलाओं के 25 मीटर पिस्टल फाइनल में जगह बनाकर भारत को निशानेबाजी में 11वां ओलंपिक कोटा दिलाया, हालांकि वह पदक नहीं जीत सकीं। राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत और जूनियर विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वालीं भारतीय शूटर फाइनल्स में क्वालिफिकेशन वाली फार्म नहीं दिखा सकी और 116 के स्कोर के साथ छठे स्थान पर रहीं। फाइनल में पहुंचने से ही चिंकी का ओलंपिक कोटा तय हो चुका था। दरअसल फाइनल्स में पहुंचने वाले आठ निशानेबाजों में से चार तो पहले ही कोटा हासिल कर चुके हैं। इस टूर्नामेंट में चार कोटे दांव पर थे। इससे पहले चिंकी का क्वालिफिकेश में श्रेष्ठ स्कोर 584 था जो उन्होंने इसी साल रियो में हुए विश्व कप में हासिल किया था।
इलेक्ट्रिशयन की बेटी पेंटर भी है
चिंकी के पिता भोपाल में खेल मंत्रालय में इलेक्ट्रिशयन हैं। 21 वर्षीय चिंकी ने क्वालिफिकेशन में 588 अंक बनाए जिसमें एक ‘परफेक्ट 100’ भी शामिल है। वह थाइलैंड की नेपहासवान यांगपाइबून (590) के बाद दूसरे स्थान पर रहीं थीं। शूटिंग के अलावा चिंकी पेंटिंग्स भी अच्छी करती है। वह चार आईएसएसएफ विश्व कप में हिस्सा ले चुकी हैं।
चिंकी यादव ने जीत के बाद कहा, 'मैं बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हूं। यह मेरा अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह श्रेय मेरे प्रशिक्षकों को जाता है। खासतौर पर जसपाल सर को। समर्थन के लिए भोपाल अकादमी और राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) में सभी का शुक्रिया।'
25 मीटर पिस्टल में मिला दूसरा कोटा
भारत के लिए यह 25 मीटर पिस्टल में दूसरा ओलंपिक कोटा है। इससे पहले राही सरनोबत ने इसी साल के शुरू में म्यूनिख में विश्व कप में पहला कोटा हासिल किया था। इस स्पर्धा में भाग ले रही अन्य भारतीय निशानेबाजों में अनुराज सिंह (575) और नीरज कौर (572) क्रमश: 21वें और 27वें स्थान पर रहीं।