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ओलंपिक: यूपी के रोअर अरविंद और राजस्थान के अर्जुन को साई नहीं सेना करा रही तैयारियां
Thu, 10 Jun 2021 07:44 AM IST
Jeet Kumar
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 10 Jun 2021 07:44 AM IST
सार
- ना जा पाए पुर्तगाल ना तैयारियों को मिली मंजूरी
- साई की ओलंपिक शिविर को मंजूरी नहीं मिलने से रोअरों को नहीं मिल पा रही तय डाइट
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के अरविंद शर्मा और जयपुर के अर्जुन जाट
- फोटो : ani
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विस्तार
बुलंदशहर (यूपी) के अरविंद शर्मा और जयपुर के अर्जुन जाट ने देश को रोइंग जैसे खेल में ओलंपिक का टिकट तो दिला दिया लेकिन उनकी टोक्यो की तैयारियां अब तक परवान नहीं चढ़ी हैं। बीते सप्ताह दोनों को तैयारियों के लिए पुर्तगाल जाना था, लेकिन 14 दिन के एकांतवास के नियम ने उन्हें पोर्टो के अत्याधुनिक हाई परफॉरमेंस सेंटर में जाने से रोक दिया।
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हैरानी की बात यह है कि दोनों इस वक्त आर्मी रोइंग नोड पुणे में सेना के भरोसे तैयारी कर रहे हैं। उनके तैयारी शिविर को अब तक साई की मंजूरी नहीं मिली, जिसके चलते दोनों रोइंग के लिए रोजाना की तय डाइट नहीं ले पा रहे हैं।
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रोअर को चाहिए साढ़े पांच हजार कैलोरी प्रति दिन की डाइट
रोइंग के एक खिलाड़ी को रोजाना साढ़े पांच से छह हजार कैलोरी की डाइट चाहिए होती है। तैयारियों के लिए शिविर को साई की मंजूरी मिलने से खाने के खर्च की दिक्कत नहीं आती है। दोनों रोअर सेना के हैं ऐसे में उसने अपने स्तर पर दोनों की तैयारियां जारी रखी है।
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हालांकि सेना उनके खाने में कसर नहीं छोड़ रही है। बावजूद इसके तैयारियों के लिए डाइट को पूरी करने के लिए रोअर अपने स्तर पर कुछ न कुछ मंगाकर खा रहे हैं। टॉप्स से मिलने वाली दैनिक खर्च से वे खाने का सामान मंगाते हैं।
बीते से वर्ष से एक बार नोड से बाहर निकले हैं रोअर
दोनों रोअरों को पुर्तगाल साई की ओर से भेजा जा रहा था, लेकिन पोर्टो नहीं जाने की स्थिति में उनके शिविर को मंजूरी नहीं देने ने दिक्कतें खड़ी की हैं। हालांकि दोनों को भोपाल में तैयारियों के लिए भेजना की योजना बनाई जा रही थी लेकिन महामारी के चलते यह भी संभव नहीं हो सका।
अरविंद और अर्जुन बीते वर्ष जुलाई माह से नोड में ही हैं। उन्हें यहां से बाहर निकलने की भी इजाजत नहीं है। बीते माह ओलंपिक क्वालिफाइंग खेलने के लिए दोनों टोक्यो गए थे। उसके बाद से दोनों फिर नोड में आ गए हैं और अंदर ही है। दोनों को टोक्यो में लाइटवेट डबल स्कल्स में खेलना है।