आंचल ठाकुर ने स्कीइंग में रचा इतिहास, भारत के लिए जीता पहला ब्रॉन्ज मेडल
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आंचल ने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप में हिस्सा लेते हुए यह पदक अपने नाम किया। एल्पाइन एज्डेर 3200 कप का आयोजन स्की इंटरनेशनल फेडरेशन करता है।
मनाली की आंचल ठाकुर ने भारत की ओर से स्कीइंग में मंगलवार को इतिहास रच दिया। आंचल ने मंगलवार को इंटरनेशनल लेवल के स्कीइंग कॉम्पिटिशन में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इंटरनेशनल स्कीइंग कॉम्पिटिशन में पदक जीतने वाली वह भारत की पहली खिलाड़ी हैं, जिन्होंने एल्पाइन एज्डेर 3200 कप में ब्रॉन्ज अपने नाम किया। एल्पाइन एज्डेर 3200 कप का आयोजन स्की इंटरनेशनल फेडरेशन करता है।
अपनी इस जीत के बाद आंचल ने कहा, 'मैंने महीने इसके लिए कड़ी मेहनत की और आखिरकार यह रंग लाई। मैंने यहां अच्छी शुरुआत करते हुए लीड बना ली थी, इसी वजह से इस रेस को मैंने तीसरे नंबर पर खत्म की।'
Finally something unexpected happened. My first ever international medal.🙌 Federation International Ski Race (FIS). At the end turkey served me well 😇😇.
— Aanchal Thakur (@alleaanchal) January 9, 2018
PC- @alwyncreed #strangethingshappen #skiteamindia #onehimachal #himalayangirls pic.twitter.com/pjkSddCpi5
अपनी इस जीत से उत्साहित आंचल ने ट्वीटर पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा, 'आखिरकार कुछ ऐसा हो गया है, जिसकी उम्मीद नहीं थी। मेरा पहला इंटरनेशलन मेडल। हाल ही में तुर्की में खत्म हुए फेडरेशन इंटरनेशनल स्की रेस में मैंने शानदार परफॉर्म किया।'
आंचल के पिता और विंटर गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव रोशन ठाकुर ने आंचल की इस जीत पर कहा, 'अब भारत में इस खेल के लिए यह शानदार मौका है।'
आपको जानकर हैरानी होगी कि आंचल की ट्रेनिंग और उसके टूर का सारा खर्च रोशन ठाकुर ने ही उठाया है। उनके पिता ने बताया कि उनकी बेटी को या स्कीइंग के दूसरे खिलाड़ियों को आज तक केंद्रीय खेल मंत्रालय से कोई मदद नहीं मिली है। उनका कहना है कि खेल मंत्रालय में बैठे अधिकारी स्कीइंग को खेल नहीं मानते हैं।