COVID: 2022 कॉमनवेल्थ शूटिंग और तीरंदाजी चैंपियनशिप रद्द, भारत में होना था आयोजन
बता दें कि इन दोनों स्पर्धाओं का आयोजन चंडीगढ़ में जनवरी 2022 में होना था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के कारण भारत में होने वाली 2022 कॉमनवेल्थ शूटिंग और तीरंदाजी चैंपियनशिप को रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के सहयोग से भारतीय राष्ट्रमंडल खेल (सीजीआई) के कार्यकारी बोर्ड ने लिया। सीजीएफ अध्यक्ष लुइस मार्टिन ने कहा, 'हम निराश हैं कि 2022 राष्ट्रमंडल तीरंदाजी और निशानेबाजी चैंपियनशिप अब नहीं होगी। मौजूदा परिस्थितियों में हालांकि यह सही निर्णय है।' बता दें कि इन दोनों स्पर्धाओं का आयोजन चंडीगढ़ में जनवरी 2022 में होना था।
उन्होंने कहा, 'इस खबर के बावजूद, हमें कई चीजें सीखने को मिली, जिससे हमारे मौजूदा कार्यों को फायदा होगा। चंडीगढ़ 2022 की अवधारणा ने भविष्य की सह-मेजबानी की संभावनाओं को लेकर रोमांचक अवसरों की पहचान की है, जिस पर हमें और काम करना चाहिए।' निशानेबाजी चैंपियनशिप के खर्च को बड़े पैमाने पर भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) द्वारा वहन किया जाना था जबकि तीरंदाजी आयोजन को पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाना था।
2022 Commonwealth Archery and Shooting Championships Update:
After careful consideration of several factors, including the continued uncertainty created by the ongoing global pandemic, the Championships scheduled to take place in India has been cancelled.विज्ञापन विज्ञापन
Find out more ⬇️ — Commonwealth Sport (@thecgf) July 2, 2021
गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल खेलों में निशानेबाजी में भारत का शानदार प्रदर्शन रहा है। जब बर्मिंघम 2022 सीडब्ल्यूजी के कार्यक्रम से निशानेबाजी को बाहर रखा गया था, तो भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए इन खेलों का बहिष्कार करने की धमकी दी थी। इसके बाद हालांकि सीजीएफ अध्यक्ष मार्टिन और तत्कालीन सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) डेविड ग्रेवमबर्ग की यात्रा के बाद आईओए ने दिसंबर 2019 में वार्षिक आम सभा की बैठक के दौरान अपनी धमकी वापस ले ली थी। बता दें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर का भारत पर काफी प्रभाव पड़ा और इससे मरने वालों का आंकड़ा चार लाख को पार कर गया है। अब भी हर दिन इसके संक्रमण के 40,000 से अधिक मामले आ रहे हैं।