French Open 2024: जोकोविच ने फ्रेंच ओपन से नाम वापस लिया, जानें बीच टूर्नामेंट से क्यों हटा यह चैंपियन खिलाड़ी
अब उनके इस टूर्नामेंट से नाम वापस लेने से कोई नया विजेता मिलेगा। राफेल नडाल इस टूर्नामेंट हिस्सा नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं जोकोविच के आगामी विंबलडन 2024 में भी खेलने पर संशय है।
विस्तार
इससे पहले जोकोविच ने फ्रेंच ओपन के अपने पिछले मैच यानी प्री-क्वार्टर फाइनल में दर्द के बीच अर्जेंटीना के फ्रांसिस्को को साढ़े चार घंटे चले पांच सेट के मुकाबले में हराया था। वह उस मैच में भी दाहिने घुटने के दर्द से जूझते हुए दिखे थे। अब जोकोविच फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में खेलते नहीं दिखेंगे। फ्रांसिस्को पर जीत उनकी ग्रैंड स्लैम में रिकॉर्ड 370वीं जीत रही। उन्होंने स्विट्जरलैंड के रोजर फेडरर (369) को पीछे छोड़ा था।
Djokovic has withdrawn from Roland-Garros due to a right knee injury.
— Roland-Garros (@rolandgarros) June 4, 2024
Wishing Novak a speedy recovery 🧡 pic.twitter.com/Ilb6HynTzw
मैच के दौरान दूसरे सेट की शुरुआत में जोकोविच पीठ के बल लेट गए थे और लग रहा था कि उन्हें मुकाबला छोड़ना होगा, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए 23वीं रैंकिंग वाले 25 साल के अर्जेंटीनी फ्रांसिस्को सेरूंडोलो को 6-1, 5-7, 3-6, 7-5, 6-3 से हराया। मैच सुबह तीन बजे तक चला। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी 37 साल के नोवाक को लगातार पांच सेट का दूसरा मुकाबला खेलना पड़ा है। इससे पहले 2012 में रोलां गैरो में उन्हें लगातार दो मैराथन मुकाबले खेलने पड़े थे। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना सातवीं वरीयता प्राप्त कैस्पर रूड से होना था। रूड ने 12वीं रैंकिंग वाले टेलर फ्रिट्ज को 7-6, 3-6, 6-4, 6-2 से हराया। पिछले साल फ्रेंच ओपन फाइनल में जोकोविच ने रूड को हराया था।
मैच के बाद जोकोविच ने कहा था कि अभी वह यह नहीं कह सकते कि वह क्वार्टर फाइनल में खेल पाएंगे या नहीं। उन्होंने कहा था कि मैं तो बस स्वस्थ होने की उम्मीद कर सकता हूं। देखते हैं कि क्या होता है। दवाई का असर भी ज्यादा देर तक नहीं रहेगा। मैं चेकअप और टेस्ट करवाऊंगा। घुटना कई हफ्तों से उन्हें परेशान कर रहा है। दूसरे सेट में उन्होंने मेडिकल टाइमआउट भी लिया था। इसके अलावा ट्रेनर ने भी उनकी मदद की। तीसरे सेट के बाद उन्हें दवाई दी गई थी। मैच के दौरान दर्द के बीच डॉक्टर ने कह दिया कि दर्द कम करने के लिए जितनी खुराक दी जा सकती थी, दी जा चुकी है। अब मजबूरन जोकोविच को नाम वापस लेना पड़ा है।