हिमाचल के आशीष ने एक राउंड में चित कर दिया तेलंगाना का बॉक्सर
राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप के तीसरे दिन 64 मुकाबले हुए। हिमाचल के आशीष चौधरी और तेलंगाना के गंगेश्वर के बीच मुकाबला हुआ। आशीष ने तेलंगाना के बॉक्सर को एक राउंड में ही रिंग से बाहर कर दिया। दूसरे मुकाबले में आशीष कुमार 57 किलोग्राम भार वर्ग में राजस्थान के रोशन सेन से हार गए। अजय असम और पवन गुरुंग उत्तराखंड के बीच मुकाबले में उत्तराखंड के मुक्केबाज विजयी रहे।
मोहम्मद हसनदीन सेना और शशिकांत यादव महाराष्ट्र के बीच मुकाबले में सेना के खिलाड़ी विजयी रहे। हरियाणा के नीरज ने अरुणाचल प्रदेश के होमग्रंग को हराया। मुमताज हुसैन और मधन आर तमिलनाडु के बीच मुकाबले में इसमें तमिलनाडु विजयी रहा। दिल्ली के रंजन ने बंगाल के पवन केसरी को शिकस्त दी।
मुना गोदा ओडिशा और मिजोरम के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें मिजोरम विजय रहा। रोशन सेन और आशीष कुमार हिमाचल के बीच मुकाबला हुआ। इसमें राजस्थान विजय रहा। विशाल शर्मा चंडीगढ़ और सागर चंद पुणे के बीच खेले गए मुकाबले में पुणे विजयी रहा। हरजीत सिंह और मिचेल सविओ डोमिनिक तेलंगाना के बीच मुकाबले में तेलंगाना विजयी रहा।
60 भार वर्ग में यह रहे मुकाबले
आदुमिली अरुणाचल और फहिजास रहमान बी केरल के बीच मैच में अरुणाचल विजेता रहा। सूरज सिंह छत्तीसगढ़ ने खिदम रोनाल्डो सिंह असम को हराया। सतीश सेन को हरियाणा के साहिल ने हराया। विकास तोइजम त्रिपुरा और विजय कुमार पुणे के बीच खेले गए मैच में पुणे विजेता रहा।
मणिपुर और इंद्रजीत सिंह में मणिपुर विजय रहा, नवीन शर्मा जम्मू एंड कश्मीर और आशीष आइप के बिच मुकाबला हुआ जिसमें आइप विजय रहा, मोहम्द फैजान फशिक: गुजरात और सुनील रुमर बिहार के बीच मुकाबला हुआ जिसमें बिहार विजय रहा, रोहित चवन महाराष्ट्र और नीरज कुमार गुदीमल्ले तेलंगाना के बीच खेला गया।
नेशनल चैंपियनशिप में सूबे का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं आशीष
बद्दी में चौथी राष्ट्रीय बॉक्सिंग पुरुष चैंपियनशिप चल रही है। इसका समापन 10 अक्तूबर को होगा। हिमाचल टीम का नेतृत्व आशीष चौधरी कर रहे हैं। अशीष का जन्म जिला मंडी के सुंदरनगर के जरल गांव में हुआ है। उन्होंने बताया कि उन्होंने 14 वर्ष की आयु से बॉक्सिंग करनी शुरू कर दी थी। 11 वर्ष की मेहनत के बाद वर्ल्ड एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल हासिल किया। उनका लक्ष्य ओलंपिक मेडल जीतना है।
अमर उजाला से बातचीत में आशीष चौधरी ने बताया कि वह माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उनकी बहन की शादी हो गई है। पिता किसान हैं और माता गृहिणी। उन्होंने बताया कि चचेरे भाई जॉनी चौधरी से उन्हें बॉक्सिंग खेलने की प्रेरणा मिली है। वह भी नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट रेसलर रहे हैं।
वह 2016 से राजस्व विभाग में तहसील वेलफेयर ऑफिसर के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। साथ ही बॉक्सिंग में हिमाचल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनका मानना है कि आज जो युवा गलत संगत में पड़कर नशों की तरफ बढ़ रहे हैं, उन्हें नशे को त्यागकर खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। नशा धीमा जहर है।