कोर्ट ने कप्तान धोनी को लगाई लताड़, मांगा जवाब
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लताड़ लगाकर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। धार्मिक भावनाओं को आहत करने के पुराने मामले में कोर्ट ने उनसे लिखित में जवाब मांगा है।
दो साल पहले 2013 में एक मैगजीन के कवर पेज पर भगवान विष्णु का रुप लेकर हाथ में जूता लिए फोटोशूट करने का मामला अभी भी कर्नाटक हाईकोर्ट में चल रहा है।
सोमवार को हुई सुनवाई में जस्टिस ए एन वेनुगोपाल गौड़ा ने कप्तान धोनी को मामले में लताड़ लगाई और कहा सेलीब्रेटी लोगों को इस तरह के मामलों में ध्यान रखने की जरुरत है। इस मामले में काफी बवाल भी हुआ था।
सामाजिक कार्यकर्ता जयकुमार द्वारा धोनी के खिलाफ डाली गई याचिका में चल रही सुनवाई में जस्टिस गौड़ा के समक्ष धोनी के अधिवक्ता ने दलील दी कि धोनी ने इस मैगजीन में फोटोशूट के लिए कोई पैसे नहीं लिए। इस पर जस्टिस गौड़ा ने धोनी को कोर्ट में लिखित जवाब पेश करने का आदेश दिया है।
यह है मामला
यह धार्मिक विवाद दो साल से भी पुराना है। धोनी ने अप्रैल, 2013 में एक बिजनेस मैगजीन के कवर पेज पर भगवान विष्णु का रूप धरा था।
बिजनेस टुडे मैगजीन के कवर पेज पर भगवान विष्णु के रूप में छपे धोनी ने अपने हाथों में जूते समेत कई चीजें पकड़ रखी थी। विष्णु बने धोनी के बगल में हेडिंग लिखा हुआ था 'गॉड ऑफ बिग डील्स'। धोनी के इस विज्ञापन से कई हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई थीं।
आंध्र की एक अदालत में स्थानीय विश्व हिंदू परिषद के नेता वाई श्याम सुंदर ने पिछले साल फरवरी में धोनी के खिलाफ एक केस दायर किया कि उन्होंने खुद को एक भगवान की निंदात्मक छवि पेश कर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाया।
अदालत ने तीन बार महेंद्र सिंह धोनी को समन जारी किया था लेकिन यह बैरंग वापस आ गया। अदालत ने इस पर धोनी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया था। (फोटो डॉन डॉट कॉम से)