{"_id":"f68d0bd6-b726-11e2-811c-d4ae52bc57c2","slug":"indian-mens-paddlers-in-final-womens-grabs-bronze","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉमनवेल्थ टेटे में हारी भारतीय महिलाएं, पुरुष टीम फाइनल में","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
कॉमनवेल्थ टेटे में हारी भारतीय महिलाएं, पुरुष टीम फाइनल में
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 07 May 2013 08:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेहतरीन फार्म में चल रहीं नेहा अग्रवाल को तीसरे सिंगल्स में खिलाने की रणनीतिक चूक भारतीय महिलाओं को कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस में भारी पड़ी।
अपने से ऊपर रैंकिंग वाली इंग्लैंड को भारतीय टीम सेमीफाइनल में नहीं हरा सकी। भारत को 2-3 से हार सहकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
हालांकि महिलाओं की हार का बदला पुरुषों ने चुकाया। लंदन ओलंपियन सौम्यजीत घोष ने दो मुकाबले जीत भारत को 3-2 से जीत दिलाई। फाइनल में भारत टॉप सीड सिंगापुर के सामने होगा।
भारतीय नंबर वन के शामिनी को उनकी फार्म के चलते इस मुकाबले के लिए अंतिम टीम में जगह नहीं दी गई। अनुभवी मौमा दास ने केली सिबली को जोरदार टक्कर दी। लेकिन उनके हिस्से में 2-3 से हार आई। मधुरिका पाटकर दूसरे सिंगल्स में जोना पारकर के हाथों सीधे गेमों में हार गईं। 0-2 से पिछड़ने के बाद नेहा अग्रवाल ने हॉना हिक्स को 3-2 से परास्त कर उम्मीदें जगाईं।
मौमा ने इसके बाद जोना पारकर को सीधे गेमों में हरा 2-2 की बराबरी दिला दी। लेकिन तीसरे सिंगल्स में केली सिबली के सामने मधुरिका का उतारना महंगा पड़ा। पहला गेम 11-4 से जीतने के बाद अगले तीनों गेम उन्होंने 2-11, 9-11, 6-11 से गंवा दिए। हालांकि कोच भवानी मुखर्जी ने नेहा पर मधुरिका को वरीयता दिए जाने के निर्णय का बचाव किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनका आक्रमण के साथ रक्षण अच्छा है। लेकिन यह दांव नहीं चला। इंग्लैंड फाइनल में सिंगापुर से भिड़ेगी।
पुरुषों की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही। शरत कमल अप्रत्याशित रूप से सैमुअल वॉकर के हाथों चार गेमों में हार गए। लेकिन सौम्यजीत ने इंग्लैंड के नंबर वन एंड्रयू बैग्गेली को सीधे गेमों में 11-7, 11-8, 11-4 से हराया। हरमीत देसाई को डेनियल रीड के हाथों पांच गेमों में हार मिली।
सारी निगाहें शरत पर थीं। यहां उन्होंने निराश नहीं किया। उन्होंने बैग्गेली को सीधे गेमों में 11-9, 11-7, 11-7 से हरा 2-2 की बराबरी दिला दी।
अंतिम सिंगल्स में सौम्यजीत ने वॉकर को 11-7, 12-10, 11-6 से हरा भारत को फाइनल में जगह दिला दी।
विज्ञापन
अपने से ऊपर रैंकिंग वाली इंग्लैंड को भारतीय टीम सेमीफाइनल में नहीं हरा सकी। भारत को 2-3 से हार सहकर कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
हालांकि महिलाओं की हार का बदला पुरुषों ने चुकाया। लंदन ओलंपियन सौम्यजीत घोष ने दो मुकाबले जीत भारत को 3-2 से जीत दिलाई। फाइनल में भारत टॉप सीड सिंगापुर के सामने होगा।
भारतीय नंबर वन के शामिनी को उनकी फार्म के चलते इस मुकाबले के लिए अंतिम टीम में जगह नहीं दी गई। अनुभवी मौमा दास ने केली सिबली को जोरदार टक्कर दी। लेकिन उनके हिस्से में 2-3 से हार आई। मधुरिका पाटकर दूसरे सिंगल्स में जोना पारकर के हाथों सीधे गेमों में हार गईं। 0-2 से पिछड़ने के बाद नेहा अग्रवाल ने हॉना हिक्स को 3-2 से परास्त कर उम्मीदें जगाईं।
विज्ञापन
मौमा ने इसके बाद जोना पारकर को सीधे गेमों में हरा 2-2 की बराबरी दिला दी। लेकिन तीसरे सिंगल्स में केली सिबली के सामने मधुरिका का उतारना महंगा पड़ा। पहला गेम 11-4 से जीतने के बाद अगले तीनों गेम उन्होंने 2-11, 9-11, 6-11 से गंवा दिए। हालांकि कोच भवानी मुखर्जी ने नेहा पर मधुरिका को वरीयता दिए जाने के निर्णय का बचाव किया।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनका आक्रमण के साथ रक्षण अच्छा है। लेकिन यह दांव नहीं चला। इंग्लैंड फाइनल में सिंगापुर से भिड़ेगी।
पुरुषों की शुरूआत भी अच्छी नहीं रही। शरत कमल अप्रत्याशित रूप से सैमुअल वॉकर के हाथों चार गेमों में हार गए। लेकिन सौम्यजीत ने इंग्लैंड के नंबर वन एंड्रयू बैग्गेली को सीधे गेमों में 11-7, 11-8, 11-4 से हराया। हरमीत देसाई को डेनियल रीड के हाथों पांच गेमों में हार मिली।
सारी निगाहें शरत पर थीं। यहां उन्होंने निराश नहीं किया। उन्होंने बैग्गेली को सीधे गेमों में 11-9, 11-7, 11-7 से हरा 2-2 की बराबरी दिला दी।
अंतिम सिंगल्स में सौम्यजीत ने वॉकर को 11-7, 12-10, 11-6 से हरा भारत को फाइनल में जगह दिला दी।