यूरोप में भारतीय मुक्केबाजों ने कर दिया कारनामा
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भारतीय मुक्केबाजों ने साइप्रस के लिमासोल में हुए एफएक्सटीएम इंटरनेशनल बॉक्सिंग कप में इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड 10 पदक अपने नाम किए।
यह पहली बार है जब भारतीय मुक्केबाजों ने यूरोपियन सर्किट में कोई टूर्नामेंट जीता है।
भारत के मदन लाल (52 किग्रा),वी दुर्गा राव (56 किग्रा),मनदीप (69 किग्रा) और प्रवीन कुमार (91 किग्रा) नेस्वर्ण पदक जीता जबकि ओलंपियन मनोज कुमार (64 किग्रा),दिनेश कुमार (91 किग्रा) और सुखदीप सिंह (75 किग्रा) ने रजत पदक पर कब्जा जमाया।
इससे पहले,अनिल कुमार (60 किग्रा),जगरूप सिंह (81 किग्रा) और एल देवेंद्रो सिंह (49 किग्रा) कांस्य पदक जीत चुके हैं।
मनदीप ने तो स्वर्ण पदक जीतकर खुद को जन्मदिन का शानदार तोहफा दे दिया। उन्होंने फाइनल में स्पेन के वेगा ब्लैंग को शिकस्त दी।
नाओ और दिलबाग स्वर्ण पदक से चूके
भारतीय मुक्केबाज ननाओ सिंह और दिलबाग सिंह रूस के खाबरोवस्क में चल रहे इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए। फाइनल बाउट में ननाओ को 49 किग्रा वर्ग में रूसी मुक्केबाज सागालुएव बातोर के खिलाफ 8-12 से हार का सामना करना पड़ा जबकि दिलबाग को कजाख्सतान के कोझाबेकोव बाकेत्जहान के हाथों 3-9 से शिकस्त मिली।
दोनों मुक्केबाजों को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।