{"_id":"a965a4689ea0ed9ec0de63095cb159ff","slug":"india-lost-to-germany-in-world-hockey-league","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय टीम ने चार साल में पहली जीत का मौका गंवाया ","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल ","slug":"sports"}}
भारतीय टीम ने चार साल में पहली जीत का मौका गंवाया
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 14 Jan 2014 02:06 PM IST
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सिर्फ दो मिनट बचे थे। भारतीय हॉकी टीम वह सपना साकार करने जा रही थी जो हॉकी प्रेमी पिछले चार सालों से जीते जागते नंगी आंखों से देख रहे हैं। ओलंपिक चैंपियन और वर्ल्ड नंबर वन जर्मनी को हराने का सपना।
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लेकिन कप्तान सरदार सिंह की एक चूक ने इस सपने को पूरा नॣही होने दिया। अब जर्मनी को हराने के लिए न जाने कितना लंबा इंतजार करना पड़ेगा। 3-2 की बढ़त के बाद मुकाबला 3-3 की बराबरी पर छूटा।
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सही मायनों में यह जीत भारतीय टीम के कई पाप धो सकती थी। पिछले कई हारों का दर्द और वर्ल्ड हॉकी लीग में शान से क्वार्टर फाइनल में पहुंचने का सफर। जीतते को क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना से खेलते अब मजबूत ऑस्ट्रेलिया से खेलना होगा।
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कप्तान की बड़ी चूक
सही मायने में यह हार अनुभवी सरदार सिंह और वी रघुनाथ की भारी भूलों की वजह से मिली। हवा में उड़ती हुई हिट को सरदार डी में ठीक से रोक नहीं सके और अनमार्क्ड खड़े थीलो स्ट्रालकोवस्की ने जोरदार हिट के जरिए गोल भेद दिया।
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गोल के पीछे दर्शक दीर्घा में बैठे डायरेक्टर परफॉरमेंस रोलैंट ओल्टमेंस जोर से चिल्लाई रेफरल मांगों, लेकिन भारतीयों के सदमे से सिर लटके थे उन्हें यह आवाज नहीं सुनाई पड़ी।
और जब सुनाई पड़ी तब तक हॉफ लाइन से गेंद पुश हो चुकी थी। यही नहीं जब खेल समाप्त होने में तीन मिनट बचे थे और जर्मनी की टीम भी 10 खिलाड़ियों से खेल रही थी तब रघुनाथ ने जर्मनी डिफेंडर को गिराने की ऐसी गलती की कि उन्हें पीले कार्ड के जरिये पूरे मैच से बाहर बिठा दिया गया।
बढ़त का मौका गंवाया
इससे पहले 57वें मिनट में सरदार सिंह के शानदार मूव पर एसवी सुनील को बढ़त 4-2 करने का स्वर्णिम अवसर मिला। उन्हें सिर्फ खाली पड़े गोल में गेंद पहुंचानी थी लेकिन उनका निशाना बाहर लगा।
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टूर्नामेंट में पहली बार भारत ने न सिर्फ विरोधी पर पहला गोल किया बल्कि पहले हॉफ में बढ़त भी हासिल की। 19वें मिनट में रघुनाथ की हिट जर्मन डिफेंडर की स्टिक से लगकर गोल में थी। इस खुद के गोल से भारत को बढ़त मिली। पांच मिनट बाद ओलिवर कॉन ने दूसरे पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदल बराबरी दिलाई।
33वें मिनट में तीसरे पेनाल्टी कार्नर पर पहली बार रूपिंदर की स्टिक से गोल निकला। 41वें मिनट में जर्मनी ने भारतीयों की ओर से खुद किए गोल पर बराबरी हासिल की। 52वें मिनट में भारत ने चौथे पेनाल्टी कार्नर पर धर्मवीर के जरिए गोल कर बढ़त ली जो बाद में बराबरी में तब्दील हुई।
ऑस्ट्रेलिया की बड़ी जीत
वर्ल्ड हॉकी लीग में अब तक अपने प्रदर्शन से सभी को चौंकाती आ रही अर्जेंटीना के ड्रीम रन को ऑस्ट्रेलिया ने बुरी तरह थाम दिया। मार्क नोल्स की अगुआई में ऑस्ट्रेलिया ने 6-1 से बड़ी जीत हासिल कर न सिर्फ पूल में पहला स्थान हासिल कर लिया बल्कि अर्जेंटीना को दूसरे स्थान पर धकेल दिया।
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वहीं पूल 'ए' के एक मुकाबले में इंग्लैंड ने अपने जीत के क्रम को जारी रखते हुए न्यूजीलैंड को 5-1 के बड़े अंतर से रौंदकर अपने अजेय क्रम को जारी रखते हुए पूल में पहला स्थान बरकरार रखा।
अपने तेज तर्रार प्रदर्शन के लिए विख्यात ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट में अब अपने खेल की चमक नहीं बिखेरी थी। बेल्जियम के खिलाफ उसे 3-2 से जीत हासिल हुई तो नीदरलैंड ने उसे 0-1 से परास्त किया।
दिन के तीसरे मैच में बेल्जियम ने नीदरलैंड्स को 2-2 की बराबरी पर रोका। दोनों टीमें पहले हॉफ में 1-1 गोल की बराबरी पर थीं। नीदरलैंड्स की टीम पूल 'बी' में तीसरे स्थान पर रही जबकि बेल्जियम को चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा।