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एशियाड से पहले हुआ भारत के साथ धोखा!: तीरंदाजी कोच पागिनी टीम इंडिया की जगह कोरिया से जुड़े, जानें पूरा विवाद

Thu, 07 May 2026 12:38 PM IST
स्वप्निल शशांक हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Thu, 07 May 2026 12:38 PM IST
सार

सूत्र बताते हैं कि 1999 के विश्व चैंपियन और 2003 के उपविजेता कजिंस भारतीय कंपाउंड टीम के कोच के लिए इंटरव्यू भी दे चुके हैं। उनके अनुबंध पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

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India Betrayed Ahead of Asian Games! Archery Coach Pagni Joins Korea Instead of India, read Full Controversy
तीरंदाजी (दीपिका की फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

एशियाई खेल सिर पर हैं और भारतीय तीरंदाजों के लिए विदेशी कोच का अनुबंध मुसीबत बनता जा रहा है। कुछ माह पूर्व तक यह तय था कि इटली के जाने-माने कोच सर्गियो पागिनी भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों को कोचिंग देंगे। उनका अनुबंध सिरे चढ़ने जा रहा था, लेकिन भारतीय टीम के पूर्व कोच रहे पागिनी को तीरंदाजी के मजबूत देश कोरिया से भारत के मुकाबले अधिक वेतन में प्रस्ताव मिल गया। पागिनी ने भारतीय तीरंदाजों को दरकिनार कर कोरियाई टीम का दामन थाम लिया। अब 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में शामिल की गई कंपाउंड तीरंदाजी के लिए पूर्व विश्व चैंपियन अमेरिकी तीरंदाज डेव कजिंस पर दांव लगाया गया है। कजिंस को अच्छे वेतन पर रखने की तैयारी कर ली गई है, लेकिन उनके अनुबंध पर तीरंदाजी के कुछ लोगों में रोष है।
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कजिंस के कोचिंग अनुभव पर है संशय
सूत्र बताते हैं कि 1999 के विश्व चैंपियन और 2003 के उपविजेता कजिंस भारतीय कंपाउंड टीम के कोच के लिए इंटरव्यू भी दे चुके हैं। उनके अनुबंध पर अंतिम फैसला होना बाकी है। सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो कजिंस जल्द कंपाउंड तीरंदाजी टीम के कोच होंगे। हालांकि सूत्र बताते हैं कि कजिंस एक अच्छे कंपाउंड तीरंदाज तो रहे हैं, लेकिन उनके पास कोचिंग का बड़ा अनुभव नहीं है, जबकि भारतीय कंपाउंड तीरंदाज इस वक्त दुनिया के शीर्ष तीरंदाजों में शामिल हैं। कजिंस फीटा राउंड का विश्व रिकॉर्ड भी बना चुके हैं।
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एक साल बीता पर रिकर्व कोच भी नहीं आया
दिक्कत कंपाउंड विदेशी कोच की नहीं बल्कि रिकर्व कोच की भी है। बीते वर्ष अप्रैल में कोरियाई मूल के अमेरिकी कोच की सिकली को 20 हजार अमेरिकी डॉलर के भारी-भरकम वेतन पर अनुबंधित करने की तैयारी की गई थी। उन्हें इस वर्ष जनवरी में अनुबंध भी दिया गया, लेकिन वह शर्तों से खुश नजर नहीं आए। उनका अनुबंध अब तक सिरे नहीं चढ़ा है। यही नहीं भारतीय तीरंदाज इस वक्त विश्वकप में खेल रहे हैं, लेकिन रिकर्व और कंपाउंड दोनों टीमों का अब तक चीफ कोच भी नियुक्त नहीं किया गया है।
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