ओलंपिक में महिला हॉकी: किस्मत ने क्वार्टर फाइनल में पहुंचाया, हौसले से सेमीफाइनल में पहुंचे; जानिए हार के 5 कारण
टीम इंडिया टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में जगह नहीं बना पाई। तीन बार की गोल्ड मेडलिस्ट ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद भारत की गोल्ड की उम्मीदें जाग उठी थी। हालांकि, अर्जेंटीना ने भारत का यह सपना पूरा नहीं होने दिया।
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भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही टोक्यो ओलंपिक के फाइनल में जगह नहीं बना पाई हो, लेकिन कांस्य पदक की होड़ में बरकरार रहकर भी उसने इतिहास रच दिया है। वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर तीन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में भारत को 2-1 से हराकर उसकी स्वर्ण या रजत पदक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अब टीम इंडिया का मकसद होगा कि वह अपने ओलंपिक अभियान का अंत कम से कम कांस्य पदक के साथ करे।
इससे पहले ओलंपिक में टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं हुई थी। खराब डिफेंस की वजह से किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि टीम इंडिया यहां तक पहुंच पाएगी, लेकिन भारतीय महिला टीम के बुलंद इरादों और कभी हार न मानने के हौसले ने डिफेंस को ही उसकी ताकत बना दिया। टीम इंडिया को किस्मत का भी साथ मिला, जिसने उसे क्वार्टर फाइनल में जगह दिलाई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बुलंद इरादों ने उसे पहली बार सेमीफाइनल में पहुंचाया।
आखिरी लीग मैच पर टिका था क्वार्टर फाइनल का टिकट
लीग राउंड में सिर्फ 2 मैच ही जीत पाने की वजह से भारत का क्वार्टर फाइनल का टिकट ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच पर टिका था। यह मुकाबला आयरलैंड और ब्रिटेन के बीच खेला जाना था। अगर यह मैच आयरलैंड जीत जाता, तो भारत का सफर ग्रुप स्टेज में ही खत्म हो जाता। हालांकि, ब्रिटेन ने आयरलैंड को 2-0 से हरा दिया और भारत क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालिफाई कर गया। इसके बाद भारत ने तीन बार की स्वर्ण पदक विजेता ऑस्ट्रेलिया को 1-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। आइए जानते हैं भारतीय टीम की हार के पांच मुख्य कारण...
1. शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाई टीम
टीम इंडिया ने सेमीफाइनल मुकाबले का आगाज शानदार तरीके से किया। मैच के दूसरे मिनट में ही गुरजीत कौर ने पैनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर के भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन भारत इस बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया। अर्जेंटीना ने मैच के 18वें और 36वें मिनट में गोल दागकर भारत पर बढ़त बना ली।
2. अर्जेंटीना के डिफेंस को भेद नहीं पाए
टीम इंडिया की हार की सबसे बड़ी वजह रही कि वह अर्जेंटीना के डिफेंस को भेदने कामयाब नहीं हो सकी। अर्जेंटीना ने अपने डी में भारतीय बॉल को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। यही कारण रहा कि अर्जेंटीना ने भारत के मुकाबले आधे यानी तीन पैनल्टी कॉर्नर ही दिए।
3. सविता का जादू नहीं चला
टीम इंडिया को भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया से ऑस्ट्रेलिया जैसी परफॉर्मेंस की उम्मीद थी, लेकिन वह वैसा प्रदर्शन दोहरा नहीं पाईं। अर्जेंटीना में मैच में दोनों गोल पैनल्टी कॉर्नर के जरिए किए। अगर सविता यह गोल बचाने में कामयाब हो जाती, तो मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था।
4. 6 पैनल्टी कॉर्नर देना भारी पड़ा
भारत ने अर्जेंटीना को गोल करने के ज्यादा मौके दिए। इसकी सबसे बड़ी वजह थी- जरूरत से ज्यादा डिफेंसिव खेल खेलना। यही कारण था कि अर्जेंटीना भारतीय टीम के डी में बार-बार बॉल ले जाने में कामयाब हो सका। इसका खामियाजा भारत को छह पैनल्टी कॉर्नर के रूप में चुकाना पड़ा। इसमें से 2 पर अर्जेंटीना ने गोल भी दागे।