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बोले कोच, 'बतौर गोलकीपर बेहतर होते जा रहे हैं श्रीजेश'
'द हेग' से सत्येन्द्र पाल सिंह
Updated Mon, 02 Jun 2014 02:57 PM IST
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मॉडर्न हॉकी में गोलकीपर किसी भी टीम की रीढ़ की तरह होता है। वह रक्षण की अंतिम कड़ी होता है। ऐसे में दुनिया की सभी टॉप टीमों ने गोलकीपिंग कोच की नियुक्ति की है।
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किसी भी टीम के कोच के लिए बाकी रणनीति बनाते हुए गोलकीपर पर ध्यान देना आसान नहीं होता है। भारत के पास कोई स्थायी गोलकीपिंग कोच नहीं है।
भारत की टीम ने जब पिछले महीने नीदरलैंडस का दौरा किया तो यहां मशहूर 'गोलीज अकादमी' चलाने वाले नीदरलैंड के मार्टिन ड्राइवर की सेवाएं ली थीं।
हेग में चल रहे हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी भारत ने स्मिथ की सेवाएं ली हैं। उनके गुरुमंत्र की छाप भारत के गोलकीपर पीआर श्रीजेश के बेल्जियम जैसी टॉप टीम के खेल में साफ दिखी।
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स्मिथ कहते हैं, "मुझे भारत के दोनों गोलकीपरों (श्रीजेश और हरजोत) को गोलकीपिंग की बारीकियों को बताने के लिए बहुत कम वक्त मिला।"
उन्होंने कहा, "इससे पहले जब हाल ही में भारतीय टीम ने यहां का दौरा किया था तब मैंने दोनों गोलकीपरों को इसकी बारीकियां बताईं थी। श्रीजेश ने बतौर गोलकीपर अपने खेल को बहुत सुधारा है। टीम पर हमले के वक्त उन्हें प्रतिद्वंद्वी फॉरवर्डों की हरकत को भांपना खूब आता है। अपनी मजबूत कदकाठी के बावजूद उनके रिफ्लेक्सिज बहुत बढिय़ा हैं। वह गोलकीपिंग की बारीकियों को बहुत अच्छे से समझते हैं।"
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स्मिथ ने कहा, "श्रीजेश में हर वक्त सीखने और अपने को बेहतर करने करने की ललक है। श्रीजेश गोलकीपिंग दरअसल टीम की सबसे अहम जिम्मेदारी है। बतौर गोलकीपर हरजोत भी मेहनत कर रहे हैं। श्रीजेश चूंकि
भारत के नंबर एक गोलकीपर हैं उन पर सभी की तवज्जो और निगाहें रहती हैं।"
स्मिथ नीदरलैंडस की अंडर-21 टीम के लिए खुद बतौर गोलकीपर खेल चुके हैं। वह स्पेन की ओलिंपिक में शिरकत करने वाली टीम के भी गोलकीपिंग कोच रहे हैं।
वह कहते हैं, "गोलकीपिंग हॉकी में ऐसी पॉजिशन है कि आपको हर क्षण चौकस रहना होना पड़ता है। जरा सी भी चूक यानी हुई नहीं कि आप की टीम पर गोल हुआ। यानी सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। मैं खासतौर पर श्रीजेश और हरजोत को मानसिक रूप से मजबूत बनाने पर काम कर रहा है। इसके साथ बतौर गोलकीपर सबसे जरूरी है एकाग्रता। अचानक हमले के वक्त गोलकीपर जितना एकाग्र रहेगा टीम पर खतरा उतना ही कम हो
जाएगा। मैं इसी पर फोकस कर रहा हूं।"
स्मिथ कहते हैं, "फिलहाल मैं केवल विश्व कप तक के लिए भारतीय टीम के साथ जुड़ा हूं। मैं भारत के पूर्णकालिक गोलकीपिंग कोच के रूप में जुड़ पाऊंगा या नहीं तो वक्त ही बताएगा। फिर भी जब तक मैं टीम के साथ हूं मैं अपने इन दोनों भारतीय शागिर्दों को गोलकीपिंग की जितनी बारीकियां बता पाउंगा वह जरूर बताउंगा।"
भारत के चीफ कोच टैरी वॉल्श कहते हैं, "स्मिथ ने दोनों गोलकीपरों का खेल सुधारने पर बहुत मेहनत की हैं। उनके द्वारा बताईं बारीकियों का नतीजा है कि श्रीजेश अब बतौर गोलकीपर ज्यादा विश्वास से भरे नजर आते हैं। मॉडर्न हॉकी में शिखर पर पहुंचने के लिए आपको गोलकीपिंग जैसी अहम पॉजिशन के लिए अलग कोच चाहिए। स्मिथ को फिलहाल टीम से जोडऩे में कुछ वक्त जरूर लग गया है। फिलहाल तो वह केवल विश्व कप के लिए टीम के साथ हैं। हमारी कोशिश रहेगी कि वह आगे भी टीम से जुड़ें।"
भारत के गोलकीपर श्रीजेश कड़वी हकीकत बयां करते हैं। वह कहते है भाईसाहब, "गोलकीपर का कोई जिक्र नहीं करता। जब टीम पर गोल पड़ते हैं तो बेचारे गोलकीपर की चर्चा होती है। हमारे नए गोलकीपिंग उस्ताद स्मिथ की बाबत जरूर लिखें। स्मिथ बहुत ही माहिर उस्ताद हैं। इनके द्वारा बताई बारीकियां हमारे बहुत
काम आईं। ये टीम के साथ रहेंगे तो हम गोलकीपरों का खेल और बेहतर होगा।"