ब्रिटेन पर रोमांचक जीत के साथ भारत हॉकी वर्ल्ड लीग के सेमीफाइनल में
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत के यंग स्ट्राइकर आमिर खान, तलविंदर सिंह और आकाशदीप सिंह की त्रिमूर्ति ने बड़े इम्तिहान में खरी उतरी। सरदार सिंह वाकई ‘सरदार’ की तरह खेले और भारत ने तूफानी खेल दिखाते हुए ब्रिटेन को बृहस्पतिवार को 2-1 से हरा बड़ा उलटफेर करते हुए पहली बार हॉकी वर्ल्ड लीग फाइनल के सेमीफाइनल में जगह बना ली।
भारत की इस रोमांचक जीत में गोलरक्षक पीआर श्रीजेश की मुस्तैदी दिखाते हुए ब्रिटेन के आधा दर्जन पेनाल्टी कॉर्नर को रोका। भारत ने इस जीत के साथ ब्रिटेन के हाथों एंटवर्प में सेमीफाइनल्स में कांसे के लिए खेले मैच में मिली 1-5 की हार का भी बदला ले दिया। भारत की यह जीत लंबे समय तक याद रहेगी।
भारत की इस जीत में उसके लंबे ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर पाल सिंह और वीआर रघुनाथ के लंबे स्लैप शॉट लगाकर बराबर गेंद को अपने गोल से बाहर किया। भारत ने यहां सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में जैसा ही यह क्वार्टर फाइनल जीता तो भारत माता की जय के नारे गूंज उठे।
भारत की अग्रिम पंक्ति में स्ट्राइकर आमिर खान और आकाशदीप को हमले बोलने में लिंकमैन धर्मवीर सिंह,दानिश मुज्तबा और मनप्रीत सिंह ने मदद की। कप्तान सरदार सिंह ने हमले बोलने में मदद की ही पीछे आकर बैक मैन ऑफ द’ मैच बीरेंद्र लाकड़ा और जसजीत कुलार की मदद से ब्रिटेन के हमले को नाकाम किया।
ब्रिटेन के फॉरवर्ड निक कैटलिन, साइमन मेंटल और सैम वार्ड के पास गेंद जाने से पहले ही बराबर बीरेंद्र लाकड़ा और कोथाजीत उनसे गेंद छीनते रहे। ब्रिटेन के कप्तान डॉन फॉक्स और हेनरी वियर भारत के आमिर खान, एस वी सुनील और तलविंदर की मैन टू मैन मार्किंग नहीं कर पाए। भारत के फॉरवर्ड ने बराबर स्थान बदल कर खेल कर उनकी घेरेबंदी को तोड़ दिया।
बराबर दबाव में आखिर दूसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर पर वीआर रघुनाथ ने तेज फ्लिक पर ब्रिटेन के गोलरक्षक हैरी गिब्सन को छका गोल कर भारत का खाता खोला। यंग तलविंदर सिंह तीसरे क्वॉर्टर के चौथे मिनट में कोथाजीत सिंह के स्कूप पर गोल कर भारत को 2-0 से आगे कर दिया।
ब्रिटेन को मिले चौथे पेनाल्टी कार्नर गेंद रुकी नहीं और बाहर डेविड कोंडेन ने उसे ट्रैप कर डी में पुश किया और इस पर साइमन मेंटल ने गोल कर स्कोर 1-2 कर दिया। ब्रिटेन ने आखिरी पांच मिनट में गोलकीपर को भी हटा दिया और दो पेनाल्टी कार्नर और हासिल किए लेकिन भारत के गोलरक्षक पीआर श्रीजेश ने अच्छा पूर्वानुमान लगाते हुए उन्हें रोक कर भारत को ऐसी यादगार जीत दिलाई।
भारतीयों के जोश के आगे पस्त हुए ब्रिटेन के खिलाड़ी
भारत के लिए सबसे बढ़िया हमला आठवें मिनट में रघुनाथ के पास गेंद संभाल कर देविंदर वाल्मीकि ने बाएं छोर से बढ़ाया लेकिन डॉन फॉक्स ने गेंद को अपने गोल से बाहर कर ब्रिटेन को गोल खाने से बचा लिया।
जसजीत कुलार अपनी डी से गेंद को बाहर करने के फेर में रघुनाथ के पांव पर मार बैठे और इस पर ब्रिटेन को पहला पेनाल्टी कार्नर मिला क्रिस ग्रासिक के शॉट को गोलरक्षक पीआर श्रीजेश ने रोक कर भारत पर आया खतरा टाला।
विंगर आमिर खान बाएं से गेंद को लेकर डी के भीतर पहुंचे तो उन्हें डैन शिंगल्स ने गलत ढंग से रोक कर भारत को मैच के 19वें मिनट में पहला पेनाल्टी कार्नर दिलाया। वीआर रघुनाथ ने इस पर तेज ड्रैग फ्लिक से गोल कर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। ब्रिटेन ने जवाबी हमला बोला लेकिन इस मुस्तैद जसजीत कुलार ने अच्छा पूर्वानुमान लगाते हुए गेंद को अपने गोल से बाहर कर दिया।
रमणदीप ने ब्रिटेन के हाफ में गेंद संभाली और सरदार को तिरछा पास दिया और उनसे वापस मिली गेंद पर मैच के 36 वें मिनट रमणदीप के तेज फ्लिक पर गेंद गोल की उपर की बल्ली को लगकर निकल गई। भारत ने हमले जारी रखे। कोथाजीत सिंह ने करीब 25 गज की रेखा से गेंद को हल्का स्कूप कर गेंद तलविंदर की ओर उछाली।
इस तलविंदर ने तेज फर्राटा लगाया उनके हमले के नाकाम करने के लिए ब्रिटेन के गोलरक्षक हैरी गिब्सन गोता लगाकर बाहर निकले। तलविंदर ने दौड़ते हुए तिरछे तेज स्लैप शॉट जमा गोल कर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। आमिर खान बाएं से गेंद को लेकर बढ़े लेकिन उनके तेज पास पर आकाशदीप सही से गेंद को कब्जे में नहीं ले पाए और भारत के हाथ अपनी बढ़त को और मजबूत करने का मौका निकल गया।
ब्रिटेन को 40वें मिनट में पेनल्टी कार्नर दिया गया लेकिन भारत के रेफरल पर इसे रद्द कर दिया गया। तीसरे क्वार्टर के खत्म होने से दो मिनट पहले मिले मैच के दूसरे पेनाल्टी कार्नर पर साइमन मेंटल के पास पर हैरी मार्टिन गेंद को ट्रैप ही नहीं कर पाए। रूपिंदर पाल सिंह को 49वें मिनट में हरा कार्ड दिखा कर मैदान से बाहर भेज दिया गया।
ब्रिटेन ने इसका लाभ उठाकर दबाव बना तीसरा पेनाल्टी कार्नर हासिल किया। इस पर गेंद रुकी नहीं और डेविड कॉडन के स्लैप शॉट पर साइमन मेंटल ने डी के भीतर मौका ताड़ कर गोल कर स्कोर 1-2 कर दिया।
‘हमारे खिलाड़ी पूरे जोश के साथ खेले। उन्होंने मैच में रणनीति के मुताबिक खेल कर ब्रिटेन की चुनौती तोड़ी। मुझे लड़कों के जोशीले खेल पर गर्व है।,
-रोलैंट ओल्टमैंस, भारत के कोच
हमारे लड़कों ने मौके गंवाए। वे रणनीति के मुताबिक मैदान पर नहीं खेले। इसी कारण हम इस अहम मैच में हार गए।
-बॉबी क्रचले, ब्रिटेन के कोच