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Hockey: 'फाइनल तक नहीं पहुंचने का दुख लेकिन कांस्य जीतने की खुशी', जूनियर हॉकी टीम के कप्तान का बयान
Tue, 29 Oct 2024 04:04 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 29 Oct 2024 04:04 PM IST
सार
भारत पूरे टूर्नामेंट में अंकों के आधार पर शीर्ष पर रहा लेकिन आस्ट्रेलिया से 0-4 से हार के बाद गोल औसत में ब्रिटेन से एक गोल से पिछड़कर फाइनल में जगह नहीं बना सका।
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भारतीय हॉकी टीम
- फोटो : Twitter
विस्तार
भारतीय जूनियर पुरूष हॉकी टीम के कप्तान आमिर अली ने स्वीकार किया कि सुल्तान जोहोर कप के फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाने से वह दुखी हैं लेकिन कहा कि खाली हाथ लौटने से कांस्य पदक काफी अच्छा है। भारत ने तीसरे और चौथे स्थान के मुकाबले में न्यूजीलैंड को शूटआउट में हराकर मलेशिया के जोहोर बाहरू में हुए जूनियर टूर्नामेंट में कांस्य पदक जीता।
अली ने कहा, 'गोल औसत के आधार पर फाइनल से बाहर रहने का हमें दुख है, लेकिन एक टीम के रूप में हमने तय किया कि पीछे मुड़कर देखने का कोई फायदा नहीं है। हमने कांस्य पदक के मुकाबले पर फोकस करने का फैसला किया और खुद से वादा किया कि हम खाली हाथ नहीं लौट सकते।' भारत पूरे टूर्नामेंट में अंकों के आधार पर शीर्ष पर रहा लेकिन आस्ट्रेलिया से 0-4 से हार के बाद गोल औसत में ब्रिटेन से एक गोल से पिछड़कर फाइनल में जगह नहीं बना सका।
जूनियर टीम के कोच के तौर पर महान गोलकीपर पी आर श्रीजेश का यह पहला टूर्नामेंट था। अली ने कहा, 'हमें श्री भाई ( श्रीजेश) से बेहतर मेंटोर नहीं मिल सकता था। वह लगातार हमसे कहते रहे कि मैचों का मजा लो और हमने दबाव लिये बिना खेला। हमने गोल गंवाने के बाद वापसी की और वे मैच जीते भी।' अब भारतीय जूनियर टीम की नजरें जूनियर एशिया कप खिताब जीतने पर लगी है जो अगले साल होने वाले एफआईएच जूनियर विश्व कप का क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है। जूनियर एशिया कप 26 नवंबर से ओमान में खेला जाएगा।
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अली ने कहा, 'गोल औसत के आधार पर फाइनल से बाहर रहने का हमें दुख है, लेकिन एक टीम के रूप में हमने तय किया कि पीछे मुड़कर देखने का कोई फायदा नहीं है। हमने कांस्य पदक के मुकाबले पर फोकस करने का फैसला किया और खुद से वादा किया कि हम खाली हाथ नहीं लौट सकते।' भारत पूरे टूर्नामेंट में अंकों के आधार पर शीर्ष पर रहा लेकिन आस्ट्रेलिया से 0-4 से हार के बाद गोल औसत में ब्रिटेन से एक गोल से पिछड़कर फाइनल में जगह नहीं बना सका।
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जूनियर टीम के कोच के तौर पर महान गोलकीपर पी आर श्रीजेश का यह पहला टूर्नामेंट था। अली ने कहा, 'हमें श्री भाई ( श्रीजेश) से बेहतर मेंटोर नहीं मिल सकता था। वह लगातार हमसे कहते रहे कि मैचों का मजा लो और हमने दबाव लिये बिना खेला। हमने गोल गंवाने के बाद वापसी की और वे मैच जीते भी।' अब भारतीय जूनियर टीम की नजरें जूनियर एशिया कप खिताब जीतने पर लगी है जो अगले साल होने वाले एफआईएच जूनियर विश्व कप का क्वालीफाइंग टूर्नामेंट है। जूनियर एशिया कप 26 नवंबर से ओमान में खेला जाएगा।
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