उड़ी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान अाज पहली बार मैदान पर भिड़ेंगे
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पिछले दिनों अगले महीने गुजरात में होने वाले वर्ल्ड कप कबड्डी के लिए पाकिस्तान की टीम को भाग लेने से मना कर दिया गया। जारी राजनीतिक दबाव के बीच दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के बीच खेल के मैदान पर पहली जंग छिड़ने जा रही है। भारत और पाकिस्तान की टीमें बृहस्पतिवार (28 सितंबर) को ढाका के मैदान पर आमने-सामने होंगी और यह मुकाबला होगा अंडर-18 एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल का। यानी दोनों देशों में आपसी तनाव के बीच खेल के मैदान पर युवा खिलाड़ियों में भी जोश के साथ-साथ आक्रोश भी दिख सकता है।
ढाका में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान फाइनल में पहुंचने के लिए सेमीफाइनल में आमने सामने होंगे और खिताबी जंग की राह में यह निर्णायक मैच है। इसमें रोचक एशियाई हॉकी की बानगी देखने को मिलेगी। अंडर-18 एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पाकिस्तान की टीम अपने सभी मैच जीत कर अंतिम चार में पहुंची है जबकि टीम इंडिया को अपने पहले ही मैच में मेजबान बांग्लादेश से 4-5 से अप्रत्याशित हार झेलनी पड़ी थी।
उड़ी हमले के बाद पहली बार मैदान पर भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान की अग्रिम पंक्ति में जो भी मौकों को भुनाएगी वही फाइनल में जगह बनाएगी। भारत के हमलों का दारोमदार दिलप्रीत सिंह और इबुंगो सिंह पर निर्भर करेगा। भारत को पाकिस्तान को हरा फाइनल में जगह बनानी है तो दिलप्रीत और इबुंगो को धार के साथ रफ्तार भी दिखानी होगी।
भारत के कोच बी जे करियप्पा ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल की पूर्व संध्या पर कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा ही दिलचस्प संघर्ष देखने को मिलता है। हमारे खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाफ इस सेमीफाइनल को लेकर पूरी तरह फोकस हैं। पाकिस्तान की धारदार अग्रिम पंक्ति को देखते हुए हमें अपनी रक्षापंक्ति को और कसने की दरकार है। पाकिस्तान का सामना भी हमारी जैसी धारदार अग्रिम पंक्ति से अब तक नहीं हुआ है। उनके लिए भी हमारी अग्रिम पंक्ति को रोकने की बड़ी चुनौती होगी।"