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अनदेखी से परेशान हॉकी इंडिया के हाई परफॉर्मेंस निदेशक डेविड जॉन का इस्तीफा मंजूर
Tue, 25 Aug 2020 03:56 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Tue, 25 Aug 2020 03:56 PM IST
सार
जॉन को अपने पद से 12,000 डॉलर का मासिक वेतन मिल रहा था और वह मार्च के बाद कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के बाद से नई दिल्ली में अपने घर से काम कर रहे थे। वह 2011 से भारतीय हॉकी से जुड़े थे, जब उन्हें मुख्य कोच माइकल नोब्स के साथ पुरूष टीम के फिजियो के तौर पर नियुक्त किया गया था। भारतीय टीम के फिटनेस का स्तर बेहतर करने वाले जॉन ने लंदन ओलंपिक 2012 के बाद इस्तीफा दे दिया था, लेकिन 2016 में हाई परफार्मेंस निदेशक बनकर आए।
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हॉकी इंडिया
- फोटो : ट्विटर
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विस्तार
लंबे समय से हॉकी इंडिया के हाई परफॉरमेंस निदेशक डेविड जॉन के इस्तीफे को आज भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मंजूर कर लिया है। ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय महासंघ के शीर्ष अधिकारियों से मतभेदों के चलते, उन्होंने यह कदम उठाया। बीते हफ्ते ही डेविड जॉन ने अपना पद छोड़ने का फैसला कर लिया था, लेकिन साई की ओर से मंजूरी नहीं मिली थी।
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साई ने हाल में जॉन का अनुबंध सितंबर 2021 तक बढ़ा दिया था, लेकिन इस ऑस्ट्रेलियाई ने यह कहते हुए पद से इस्तीफा छोड़ दिया कि लंबे समय से हॉकी इंडिया उनकी अनदेखी कर रहा था। सूत्रों के अनुसार जॉन ने हॉकी इंडिया और साई को दिए अपने इस्तीफे में अपने फैसले के लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है जो उन्होंने 18 अगस्त को सौंपा था।
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मीडिया रिपोर्टस की माने तो हॉकी इंडिया के शीर्ष अधिकारियों द्वारा टीम के संबंध में महत्वपूर्ण फैसलों में उनकी अनदेखी की गई थी। डेविड को टीम फैसलों में शामिल नहीं किया जाता था और वह सिर्फ कोचों और खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन क्लास ही लेते थे। कोविड-19 महामारी के कारण पांच महीने के ब्रेक ने इस फैसले में ‘ट्रिगर’ का काम किया।
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