हार के बाद भी टीम इंडिया पहुंची फाइनल में, 36 साल में हुआ पहली बार
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निर्णायक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार के बावजूद भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के फाइनल में पहुंच गई। वह 36 साल के इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंची है।
36वीं हीरो चैंपियंस ट्रॉफी के आखिरी लीग मैच में भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से था जिसमें कांटेदार संघर्ष के बाद भारतीय टीम को 2-4 से हार का सामना करना पड़ा। भारत को फाइनल में जाने के लिए यह मैच सिर्फ ड्रॉ कराना था लेकिन टीम हार गई।
लेकिन भारतीय टीम लकी रही क्योंकि हार के बाद भी उसे खिताबी जंग में जगह मिल गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि भारत के मैच के बाद 2 मुकाबले खेले गए जिससे भारत अंकतालिका में अपनी स्थिति नंबर 2 पर बनाए रखने में कामयाब रहा।
गत चैंपियन जर्मनी ने कोरिया को 7-0 से रौंद दिया फिर बेल्जियम और इंग्लैंड का मैच 3-3 बराबरी पर खत्म हो गया। लीग चरण के बाद भारत 5 मैचों से 7 अंक लेकर अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा और उसे फाइनल का टिकट मिल गया।
चैंपियंस ट्रॉफी में दूसरी बार पदक जीतेगी भारतीय टीम
फाइनल में पहुंचने के साथ ही भारतीय टीम इस बार स्वर्ण पदक की रेस में आ गया है। भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी में इससे पहले सिर्फ एक बार ही पदक जीत सका है। 1982 में भारत को कांस्य पदक मिला था। अब शुक्रवार को भारत स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेगा।
भारत की ओर से 2 गोल पेनाल्टी कार्नर (वीआर रघुनाथ और मंदीप सिंह) से आया, लेकिन टीम की जीत के लिए यह नाकाफी साबित हुआ क्योंकि कंगारू टीम की ओर से पहले ही 4 गोल दाग दिए गए थे। ऑस्ट्रेलिया 5 मैचों से 13 अंक लेकर शीर्ष पर रहा।