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चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने बरकरार रखी अपनी बादशाहत
'द हेग' से सत्येन्द्र पाल सिंह
Updated Thu, 19 Jun 2014 02:20 PM IST
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सबसे अनुभवी खिलाड़ी जैमी ड्वेयर को सेंटर फॉरवर्ड और ग्लेन टर्नर को बदलू खिलाड़ी के रूप में बतौर लेफ्ट विंगर उतारने का ऑस्ट्रेलिया के चीफ कोच रिक चार्ल्सवर्थ का दांव एकदम सही साबित हुआ।
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इन दोनों ने परस्पर स्थान बदलकर खेलते हुए हॉकी की कलाकारी खूब दिखाई और बेहतरीन मैदानी गोल दागे और मेजबान नीदरलैंड्स के खिलाफ बाजी पलट दी।
आक्रामक बैक के रूप में खेलने वाले क्रिस सिरिलो, किरन गोवर्स और अरान जालेवस्की ने ऑस्ट्रेलिया के लिए हमलों का ऐसा तांता बांधा कि नीदरलैंड के गोलकीपर जैप स्टॉकमैन बेबस से दिखे।
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क्रिस सिरिलो द्वारा पेनल्टी कॉर्नर पर अचूक ड्रैग फ्लिक से दागे तीन और किरन गोवर्स, ग्लेन टर्नर और जैमी ड्वेयर के एक-एक गोल की बदौलत विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड को रविवार को पुरुष हॉकी विश्व कप के फाइनल में हेग में 6-1 से हराकर खिताब पर अपना कब्जा बरकरार रखा। नीदरलैंड के लिए एकमात्र गोल जेरोन हटर्जबर्गर ने 14वें मिनट में दागा।
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कोच रिक चार्ल्सवर्थ का यह आखिरी वर्ल्ड कप था और उनकी टीम ने उनकी विदाई पर उन्हें खिताब का शानदार तोहफा दिया। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने नीदरलैंड के हाथों मिली वर्ल्ड हॉकी लीग की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया।
ऑस्ट्रेलिया ने तीसरी बार विश्व कप जीता। इससे पहले उसने 1986 और 2014 में वर्ल्ड कप जीता था। यह पहला मौका है जब नीदरलैंड्स वर्ल्ड कप की मेजबानी करते हुए खिताब नहीं जीत पाया।
इससे पहले नीदरलैंड्स ने (1973) और 1998 में वर्ल्ड कप की मेजबानी करते हुए खिताब जीता था।