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Atiqa Mir: भारत की 10 वर्षीय अतीका मीर की बड़ी उपलब्धि, मिनीमैक्स श्रेणी में दर्ज की ऐतिहासिक जीत
Sun, 14 Sep 2025 06:50 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sun, 14 Sep 2025 06:50 PM IST
सार
दुबई कार्टड्रोम में आयोजित प्रतिष्ठित डीएएमसी चैंपियनशिप के पहले चरण में अतीका ने पोल पोजिशन से शुरुआत की और 14 प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए फिनिश लाइन सबसे आगे पार की। इस रेस में यूरोप के अनुभवी विजेता चालक भी शामिल थे, लेकिन अतीका ने स्वच्छ ड्राइविंग और ट्रैक सीमाओं का पालन करते हुए सबको पछाड़ दिया।
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अतीका मीर
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय मोटरस्पोर्ट की 10 वर्षीय प्रतिभा अतीका मीर ने रविवार को इतिहास रच दिया। वह यूएई कार्टिंग में मिनीमैक्स श्रेणी की रेस जीतने वाली पहली महिला चालक बन गई हैं। दुबई कार्टड्रोम में आयोजित प्रतिष्ठित डीएएमसी चैंपियनशिप के पहले चरण में अतीका ने पोल पोजिशन से शुरुआत की और 14 प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए फिनिश लाइन सबसे आगे पार की। इस रेस में यूरोप के अनुभवी विजेता चालक भी शामिल थे, लेकिन अतीका ने स्वच्छ ड्राइविंग और ट्रैक सीमाओं का पालन करते हुए सबको पछाड़ दिया।
ऐतिहासिक जीत पर क्या बोलीं अतीका?
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मिनीमैक्स श्रेणी में किसी महिला ने पहली बार पोल और फाइनल रेस दोनों जीती हैं। इस साल की शुरुआत में ही फॉर्मूला-1 ने अतीका की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें एफ1 अकादमी डीवाईडी प्रोग्राम के लिए चुना था। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली भारतीय ड्राइवर भी हैं। अपनी जीत पर अतीका ने कहा, 'मैं इस जीत से बहुत खुश हूं। दुबई कार्टड्रोम वह ट्रैक है जहां से मैंने कार्टिंग की शुरुआत की थी, इसलिए यह हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा। तैयारी के लिए समय कम मिला, फिर भी मैं गति बनाए रख पाई। अपने स्पॉन्सर्स एकसेल अकादमी का विशेष धन्यवाद।'
यूरोपियन सीजन में सफलता हासिल करने के बाद अतीका अब जल्द ही स्लोवाकिया रवाना होंगी, जहां वे चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर अकादमी राउंड 4 में हिस्सा लेंगी और एफ1 डीवाईडी प्रोग्राम के लिए ड्राइव करेंगी। अतीका का ताल्लुक रेसिंग परिवार से है। उनके पिता आसिफ नजीर मीर फॉर्मूला एशिया के वाइस-चैंपियन रह चुके हैं। अतीका मौजूदा फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियन मैक्स वेरस्टापेन को अपना आदर्श मानती हैं और उनका सपना है कि एक दिन वे मोटरस्पोर्ट की सबसे ऊंची मंजिल, फॉर्मूला-1, तक पहुंचें।
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ऐतिहासिक जीत पर क्या बोलीं अतीका?
यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मिनीमैक्स श्रेणी में किसी महिला ने पहली बार पोल और फाइनल रेस दोनों जीती हैं। इस साल की शुरुआत में ही फॉर्मूला-1 ने अतीका की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें एफ1 अकादमी डीवाईडी प्रोग्राम के लिए चुना था। यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली भारतीय ड्राइवर भी हैं। अपनी जीत पर अतीका ने कहा, 'मैं इस जीत से बहुत खुश हूं। दुबई कार्टड्रोम वह ट्रैक है जहां से मैंने कार्टिंग की शुरुआत की थी, इसलिए यह हमेशा मेरे दिल के करीब रहेगा। तैयारी के लिए समय कम मिला, फिर भी मैं गति बनाए रख पाई। अपने स्पॉन्सर्स एकसेल अकादमी का विशेष धन्यवाद।'
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यूरोपियन सीजन में सफलता हासिल करने के बाद अतीका अब जल्द ही स्लोवाकिया रवाना होंगी, जहां वे चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर अकादमी राउंड 4 में हिस्सा लेंगी और एफ1 डीवाईडी प्रोग्राम के लिए ड्राइव करेंगी। अतीका का ताल्लुक रेसिंग परिवार से है। उनके पिता आसिफ नजीर मीर फॉर्मूला एशिया के वाइस-चैंपियन रह चुके हैं। अतीका मौजूदा फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियन मैक्स वेरस्टापेन को अपना आदर्श मानती हैं और उनका सपना है कि एक दिन वे मोटरस्पोर्ट की सबसे ऊंची मंजिल, फॉर्मूला-1, तक पहुंचें।
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