HIL नीलामी में सरदार को झटका, आकाश महंगे भारतीय खिलाड़ी
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हॉकी इंडिया लीग के अगले दो संस्करण (2016-17) के लिए वीरवार को खिलाड़ियों का चयन किया गया। इसमें पंजाब के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। फारवर्ड खिलाड़ी आकाशदीप सिंह सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी रहे।
उन्हें उत्तर प्रदेश विजार्ड ने 84 हजार डॉलर में खरीदा। वहीं जालंधर के मनदीप सिंह के लिए दिल्ली ने 70 हजार डॉलर की बोली लगा उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि भारतीय कप्तान सरदार सिंह इस दौड़ में पीछे रह गए। उन्हें पंजाब वारियर्स ने 58 हजार डॉलर में खरीदा।
आकाशदीप सिंह और मनदीप सिंह ने कई साल तक जालंधर की सुरजीत हॉकी एकेडमी में पसीना बहाया है। दोनों खिलाड़ियों की हॉकी इंडिया लीग के चौथे संस्करण के लिए वीरवार को हुई नीलामी में सबसे ऊंची बोली लगी।
नीलामी में आकाशदीप का बेस प्राइज 20 हजार डॉलर था जबकि सबसे ऊंची बोली 84 हजार डॉलर की लगी। वहीं फारवर्ड खिलाड़ी मनदीप सिंह को टीम में शामिल करने के लिए दिल्ली और रांची की टीम में जोरदार संघर्ष दिखाई दिया, लेकिन बाजी दिल्ली के हाथ लगी। इस समय दोनों खिलाड़ी दिल्ली में चल रहे कैंप में हिस्सा ले रहे हैं।
सुरजीत एकेडमी से ही मिली पहचान: आकाशदीप
आकाशदीप सिंह ने फोन पर बताया कि वह मूलरूप से तरनतारन के रहने वाले हैं। वह जालंधर के बर्ल्टन पार्क में स्थित सुरजीत हॉकी एकेडमी में लगातार चार साल तक खेले हैं।
एकेडमी के कोच अवतार सिंह, गुरदेव सिंह और पंजाब पुलिस के कोच सुरजीत सिंह हॉकी का प्रशिक्षण दिया करते थे। उनके प्रशिक्षक के चलते ही नई पहचान मिली है।
आकाशदीप ने कहा कि उनकी बोली उम्मीद से ज्यादा लगी है। इससे वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि शायद यह हॉकी के बदले नियमों की वजह से हुआ है।
इसलिए टीम अधिकारियों ने बेहतरीन फारवर्ड खिलाड़ियों को खरीदने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई प्रभदीप सिंह का चयन भी दिल्ली वेबराइडर्स में हुआ है।
गांव के कोच का प्रशिक्षण यहां तक ले आया: मनदीप
जालंधर के मिट्ठापुर के रहने वाले मंदीप सिंह ने कहा कि उन्होंने गांव के ग्राउंड से हॉकी की शुरुआत की थी। गांव के कोच सुरजीत सिंह, जोकि पंजाब पुलिस में हैं, के प्रशिक्षण को कभी नहीं भूल सकते हैं।
इसके बाद सुरजीत हॉकी एकेडमी में शामिल हुए। कई साल तक एकेडमी की तरफ से खेले। मंदीप की माता दविंदर कौर ने कहा कि बेटे ने आज बहुत बड़ा मुकाम हासिल किया है। इसकी बहुत खुशी है। मंदीप को मिली इतनी बड़ी उपलब्ध को लेकर गांव निवासियों में भी जश्न का माहौल बना रहा।
मेरी बोली उम्मीद से ज्यादा लगी है। शायद हॉकी के बदले नियमों की वजह से यह संभव हुआ है। मैं बेहद खुश हूं।
आकाशदीप सिंह