'फ्रेंच दीवार' भेद नहीं पाया इक्वाडोर
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इक्वाडोर को नॉकआउट दौर में जगह बनाने के लिए फ्रांस को हर हाल में हराना था लेकिन मुकाबला बराबरी पर खत्म होने से उसे वर्ल्ड कप से ही बाहर होना पड़ गया।
बुधवार को खेले गए ग्रुप-ई के एक मुकाबले में फ्रांस और इक्वाडोर के बीच मैच गोलरहित खत्म हुआ। दोनों टीमों ने मैच में गोल करने की हरसंभव कोशिश की लेकिन किसी को कामयाबी नहीं मिली।
दक्षिण अमेरिकी टीम इक्वाडोर को अंतिम 16 में जगह बनाने के लिए यह मैच हर हाल में जीतना था लेकिन उसे अंक साझा करना पड़ा और इसके साथ ही उसे टूर्नामेंट से बाहर भी होना पड़ा।
दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा
ग्रुप के इस निर्णायक मुकाबले में इक्वाडोर की टीम ने मैच जीतने के कई प्रयास किए। दूसरे हाफ में इक्वाडोर को जोर का झटका तब लगा जब उसके एक खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखा दिया गया। और उसे शेष मैच में 10 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर खेलने को मजबूर होना पड़ा।
मैच के 50वें मिनट में इक्वाडोर के खिलाड़ी एंटोनियो वैलेंसिया को फ्रेंच डिफेंडर लुकास को जानबूझकर गिराने के प्रयास में रेड कार्ड दिखा दिया गया। हालांकि रेफरी के इस निर्णय से इक्वाडोर हैरान हुआ क्योंकि इससे पहले 8वें मिनट में फ्रांस के खिलाड़ी मैमाडाउ को ओस्वाल्डो मिंडा के चेहरे पर कोहनी मारने पर रेड कार्ड नहीं दिखाया गया था। इक्वाडोर की टीम अंपायर के इस निर्णय को गलत बताया है।
फ्रांस टीम के कोच डिडायर ने पूरे मैच के दौरान अपनी सक्रियता दिखाई और मैच के दौरान 6 बार खिलाड़ियों का फेरबदल किया।