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फुटबॉल की सबसे सुंदर कहानी है केप वर्डे: फीफा विश्वकप में जीते करोड़ों दिल, किन 10 वजहों से याद रखेगी दुनिया?
Sat, 04 Jul 2026 09:03 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मियामी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मियामी
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sat, 04 Jul 2026 09:03 AM IST
सार
अपना पहला फीफा विश्व कप खेलने वाली केप वर्डे की टीम का सफर राउंड ऑफ 32 में समाप्त हो गया। केप वर्डे को अर्जेंटीना के खिलाफ हार मिली, लेकिन इस टीम ने सभी को प्रभावित किया। आइए जानते हैं वो 10 कारण जिनके दम पर प्रशंसक इस टीम के सफर को याद करेंगे...
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केप वर्डे बनाम अर्जेंटीना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केप वर्डे टीम का सफर फीफा विश्व कप 2026 में भले ही समाप्त हो गया, लेकिन इस छोटे से देश ने अपने पहले ही विश्व कप में करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता। केप वर्डे इससे पहले कभी विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी थी, लेकिन इस बार उसे मौका मिला और उन्होंने प्रभावित किया। केप वर्डे ने ग्रुप चरण में दमदार प्रदर्शन के बाद राउंड ऑफ 32 के मैच में गत चैंपियन अर्जेंटीना के पसीने छुटा दिए। आत्मघाती गोल करने के कारण अंतिम मिनटों में उसे हार का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं किन 10 वजहों से दुनिया केप वर्डे की टीम का सफर याद रखेगी...
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केप वर्डे
- फोटो : fifa.com
बोर्गस का आत्मघाती गोल केप वर्डे को पड़ा भारी
गत विजेता अर्जेंटीना की टीम राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे के खिलाफ उलटफेर से बच गई। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश कर लिया। दोनों टीमों के बीच बेहद ही रोमांचक मुकाबला खेला गया, लेकिन केप वर्डे को अतिरिक्त समय में डिने बोर्गस द्वारा किया गया आत्मघाती गोल भारी पड़ा। दरअसल, अर्जेंटीना को रोमेरिया ने हेडर लिया, लेकिन गेंद बोर्गस के हाथ से लगकर गोल पोस्ट में चली गई। पूरे मैच में केप वर्डे की टीम ने दमदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में जाकर टीम मौका गंवा बैठी। दिलचस्प बात तो यह रही कि केप वर्डे ने पूरे मैच के दौरान अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को फंसा के रखा। आलम यह रहा कि मैच में दो बार 15-15 मिनट का अतिरिक्त समय लिया गया तब जाकर मैच का नतीजा निकला। मेसी इस मैच में भी अर्जेंटीना के लिए दमदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे, लेकिन असली समां तो केप वर्डे ने बांधा।
गत विजेता अर्जेंटीना की टीम राउंड ऑफ 32 में केप वर्डे के खिलाफ उलटफेर से बच गई। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में अर्जेंटीना ने केप वर्डे को 3-2 से हराकर राउंड ऑफ 16 में प्रवेश कर लिया। दोनों टीमों के बीच बेहद ही रोमांचक मुकाबला खेला गया, लेकिन केप वर्डे को अतिरिक्त समय में डिने बोर्गस द्वारा किया गया आत्मघाती गोल भारी पड़ा। दरअसल, अर्जेंटीना को रोमेरिया ने हेडर लिया, लेकिन गेंद बोर्गस के हाथ से लगकर गोल पोस्ट में चली गई। पूरे मैच में केप वर्डे की टीम ने दमदार खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंत में जाकर टीम मौका गंवा बैठी। दिलचस्प बात तो यह रही कि केप वर्डे ने पूरे मैच के दौरान अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को फंसा के रखा। आलम यह रहा कि मैच में दो बार 15-15 मिनट का अतिरिक्त समय लिया गया तब जाकर मैच का नतीजा निकला। मेसी इस मैच में भी अर्जेंटीना के लिए दमदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे, लेकिन असली समां तो केप वर्डे ने बांधा।
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केप वर्डे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
किस तरह वैश्विक फुटबॉल में केप वर्डे ने बनाई पहचान
- फीफा विश्व कप 2026 से पहले बहुत ही कम लोगों को इस टीम के बारे में पता था। जब केप वर्डे अपना पहला मैच खेलने उतरी तो लोगों ने इसके बारे में जाना।
- इनके खिलाड़ियों का चयन किस तरह किया गया, ये भी एक दिलचस्प कहानी है। बताया जाता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंकडिन के जरिये केप वर्डे ने खिलाड़ियों को चुना।
- केप वर्डे टीम के गोलकीपर वोजिन्हा 40 साल के हैं, लेकिन वह टीम के लिए अभेद किला बने रहे। विपक्षी टीमों के लिए वोजिन्हा को चकमा देकर गोल करना आसान नहीं था।
- केप वर्डे की कुल जनसंख्या 525000 है, लेकिन इस छोटे से देश ने मौजूदा विश्व कप में अपने प्रदर्शन से बड़ी-बड़ी टीमों को परेशान किया।
- केप वर्डे ग्रुप एच में शामिल थी जिसमें स्पेन, उरुग्वे और सऊदी अरब जैसी टीमें शामिल थीं। केप वर्डे ने ग्रुप चरण में स्पेन और उरुग्वे से ड्रॉ खेला।
- केप वर्डे ग्रुप चरण में अजेय रहा और तीन मैचों में तीन ड्रॉ खेले और तीन अंक लेकर राउंड ऑफ 32 में प्रवेश किया। यह पहली बार था जब केप वर्डे नॉकआउट दौर तक पहुंची थी।
- राउंड ऑफ 32 के मैच में केप वर्डे ने लियोनल मेसी की टीम अर्जेंटीना को जीत के लिए तरसा दिया और लगातार दबाव बनाए रखा। अर्जेंटीना एक समय आगे निकल गई थी, लेकिन केप वर्डे ने उसे आसानी से मैच अपने नाम नहीं करने दिया। केप वर्डे ने इस मैच में अपना सबकुछ झोंक दिया, लेकिन दूसरे अतिरिक्त मिनट में टीम आत्मघाती गोल के कारण पिछड़ गई।
- केप वर्डे की टीम भले ही ये मैच हार गई, लेकिन उसने साबित किया कि उसमें हार नहीं मानने का जज्बा बेहद शानदार है। यही कारण है कि अर्जेंटीना की जीत से ज्यादा चर्चे केप वर्डे टीम के रहे।
- डेब्यू विश्व कप में जिस तरह केप वर्डे की टीम खेली, शायद ही इससे पहले ऐसा देखा गया है। केप वर्डे भले ही राउंड ऑफ 32 से आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन उसने अपना नाम फीफा विश्व कप के सनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया है।
- केप वर्डे का यह प्रदर्शन उसके प्रशंसकों के लिए भी यादगार है। केप वर्डे का सफर ऐसी टीम के खिलाफ हारकर खत्म हुआ जो पिछले बार की विजेता है। इस मैच से पहले तीन मैचों में केप वर्डे अजेय रही थी।
सफर खत्म होने पर छलक पड़े आंसू
दिलचस्प बात तो यह रही कि केप वर्डे ने पूरे मैच के दौरान अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को फंसा के रखा। आलम यह रहा कि मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा तब जाकर मैच का नतीजा निकला। मेसी इस मैच में भी अर्जेंटीना के लिए दमदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे, लेकिन असली समां तो केप वर्डे ने बांधा। अपना पहला विश्व कप खेलने वाली केप वर्डे के अभियान का अंत भले ही राउंड ऑफ 32 में हुआ, लेकिन उसने जिस तरह से अर्जेंटीना पर दबाव बनाया उसकी जितनी तारीफ की जाए वो कम है। बोर्गस अगर आत्मघाती गोल नहीं करते तो मैच का नतीजा कुछ अलग भी निकल सकता था। जैसे ही अंतिम सीटी बजी और मैच अर्जेंटीना के पक्ष में गया, केप वर्डे के खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और कई खिलाड़ियों के आंखों से आंसू छलक पड़े।
दिलचस्प बात तो यह रही कि केप वर्डे ने पूरे मैच के दौरान अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को फंसा के रखा। आलम यह रहा कि मैच अतिरिक्त समय तक खिंचा तब जाकर मैच का नतीजा निकला। मेसी इस मैच में भी अर्जेंटीना के लिए दमदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे, लेकिन असली समां तो केप वर्डे ने बांधा। अपना पहला विश्व कप खेलने वाली केप वर्डे के अभियान का अंत भले ही राउंड ऑफ 32 में हुआ, लेकिन उसने जिस तरह से अर्जेंटीना पर दबाव बनाया उसकी जितनी तारीफ की जाए वो कम है। बोर्गस अगर आत्मघाती गोल नहीं करते तो मैच का नतीजा कुछ अलग भी निकल सकता था। जैसे ही अंतिम सीटी बजी और मैच अर्जेंटीना के पक्ष में गया, केप वर्डे के खिलाड़ी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और कई खिलाड़ियों के आंखों से आंसू छलक पड़े।