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फीफा वर्ल्ड कप में हो रही है टिकटों की जमकर 'हेराफेरी'
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Fri, 04 Jul 2014 07:29 AM IST
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ब्राजील पुलिस ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के टिकटों की अवैध बिक्री करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के भंडाफोड़ का दावा किया है।
पुलिस ने गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों से 100 टिकट, कंप्यूटर, अमेरिकी डॉलर, मोबाइल फोन और कुछ कागजात बरामद किए गए हैं।
इनमें से कुछ टिकट प्रायोजकों के कोटे के हैं। वहीं, कुछ टिकट ब्राजील की टीम के अधिकारियों के हैं। पुलिस का मानना है कि कुछ टिकट विदेशी पर्यटकों को बेचे गए थे।
माना जा रहा है कि गिरोह पिछले 4 वर्ल्ड कप से इस काम में लगा था। गिरोह ने इस तरह हर वर्ल्ड कप में करीब 9 करोड़ डॉलर की कमाई की।
पुलिस ने 'जूल्स रीमेट' नाम से अभियान चलाकर इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इसके लिए 20 सर्च वारंट जारी किए गए थे।
जूल्स रीमेट अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) के अध्यक्ष थे और उन्होंने ही 1929 में वर्ल्ड कप की पहल की थी।
बीबीसी संवाददाता वायरे डेविस के मुताबिक पुलिस इस गिरोह की गतिविधियों पर तीन महीने से नजर रखे हुए थी। पुलिस अल्जीरिया निवासी मोहम्मदू लमाइन फोफाना को इस गिरोह का सरगना बता रही है।
जांच में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फाबियो बारेक ने कहा कि ऐसे सुराग हैं, जिनसे लगता है कि इनकी फीफा के किसी अधिकारी से सांठगांठ थी।
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पुलिस ने गिरोह के 11 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों से 100 टिकट, कंप्यूटर, अमेरिकी डॉलर, मोबाइल फोन और कुछ कागजात बरामद किए गए हैं।
इनमें से कुछ टिकट प्रायोजकों के कोटे के हैं। वहीं, कुछ टिकट ब्राजील की टीम के अधिकारियों के हैं। पुलिस का मानना है कि कुछ टिकट विदेशी पर्यटकों को बेचे गए थे।
माना जा रहा है कि गिरोह पिछले 4 वर्ल्ड कप से इस काम में लगा था। गिरोह ने इस तरह हर वर्ल्ड कप में करीब 9 करोड़ डॉलर की कमाई की।
पुलिस ने 'जूल्स रीमेट' नाम से अभियान चलाकर इस गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इसके लिए 20 सर्च वारंट जारी किए गए थे।
जूल्स रीमेट अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (फीफा) के अध्यक्ष थे और उन्होंने ही 1929 में वर्ल्ड कप की पहल की थी।
बीबीसी संवाददाता वायरे डेविस के मुताबिक पुलिस इस गिरोह की गतिविधियों पर तीन महीने से नजर रखे हुए थी। पुलिस अल्जीरिया निवासी मोहम्मदू लमाइन फोफाना को इस गिरोह का सरगना बता रही है।
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जांच में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी फाबियो बारेक ने कहा कि ऐसे सुराग हैं, जिनसे लगता है कि इनकी फीफा के किसी अधिकारी से सांठगांठ थी।