रोनाल्डो को दिखाना होगा दम, पुर्तगाल को विश्व विजेता बनाने का आखिरी मौका
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अपने चिर प्रतिद्वंद्वी मेसी की ही तरह क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी अपने देश पुर्तगाल के लिए यूरो को छोड़कर कोई बड़ा खिताब नहीं जीत पाए हैं। 33 वर्षीय दुनिया का यह सर्वश्रेष्ठ फॉरवर्डर तीन बार विश्व कप खेल चुका हैं लेकिन कभी टीम को विश्व विजेता नहीं बना पाया। टीम में उनके रहते सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में सेमीफाइनल में पहुंचना रहा।
2010 में टीम प्रीक्वार्टर फाइनल तो ब्राजील में पहले ही दौर में बाहर हो गई। क्लब फुटबॉल के किंग रोनाल्डो के पास पुर्तगाल को पहली बार विश्व विजेता बनाने का शायद यह आखिरी मौका होगा। इसके बाद शायद ही वह अगले वैश्विक टूर्नामेंट में खेले। ऐसे में फुटबॉल का यह बादशाह चाहेगा कि वह देशववासियों को विश्व कप की ट्रॉफी देकर पुर्तगाली फुटबॉल में एक नई गाथा लिख दे।
क्लब के लिए प्रदर्शन
रियल मैड्रिड: चैंपियंस लीग खिताब : 04 , ला लीगा : 02, कोपा डेल रे : 02,
-16 ट्रॉफियां रियल के लिए अब तक जीत चुके हैं रोनाल्डो।
-09 खिताब मैनचेस्टर यूनाइटेड के लिए जीते हैं जिसमें तीन प्रीमियर लीग खिताब हैं।
-26 खिताब करियर में रोनाल्डो ने अब तक जीते हैं।
-45 हैट्रिक क्लब की ओर से लगाई हैं।
-573 गोल 761 मैचों में क्लबों की ओर से दागे हैं।
देश के लिए प्रदर्शन
-81 गोल 149 मैचों में पुर्तगाल के लिए किए हैं।
-04 हैट्रिक पुर्र्तगाल की ओर से दागी हैं।
-05 बार रिकॉर्ड फीफा के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर रहे।
-04 बार यूरोपियन बूट का खिताब जीता।
विश्व कप: 2006, 2010, 2014, गोल : 03
-13 मैच विश्व कप में रोनाल्डो ने खेले हैं जिसमें से पांच जीते, चार हारे और चार ड्रॉ रहे हैं।