Video: 'हिम्मत हो तो कुछ भी मुमकिन है', गर्भावस्था में 145 किलो वजन उठाकर दिल्ली पुलिस की सोनिका बनीं मिसाल
प्रतियोगिता के दौरान किसी को भी उनकी गर्भावस्था का अंदाजा नहीं था, क्योंकि सोनिका ने ढीले कपड़े पहने हुए थे। जब उनके पति ने बेंच प्रेस के बाद उनकी मदद की, तब भी किसी को कुछ संदेह नहीं हुआ। सच्चाई तब सामने आई जब सोनिका ने अपना आखिरी डेडलिफ्ट (145 किग्रा) पूरा किया। इसके बाद दर्शकों ने उनका तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया और महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें बधाई दी।
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गर्भावस्था के बावजूद उनकी इस उपलब्धि ने न केवल पुलिस बल बल्कि पूरे देश को प्रेरित किया है। मई में जब सोनिका को अपनी गर्भावस्था का पता चला, तब सबको लगा कि वह अपनी ट्रेनिंग रोक देंगी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। डॉक्टरों की निगरानी में उन्होंने अपना वर्कआउट जारी रखा और अपनी फिटनेस व खेल दोनों के प्रति समर्पण बनाए रखा। प्रतियोगिता के दौरान किसी को भी उनकी गर्भावस्था का अंदाजा नहीं था, क्योंकि सोनिका ने ढीले कपड़े पहने हुए थे। जब उनके पति ने बेंच प्रेस के बाद उनकी मदद की, तब भी किसी को कुछ संदेह नहीं हुआ। सच्चाई तब सामने आई जब सोनिका ने अपना आखिरी डेडलिफ्ट (145 किग्रा) पूरा किया। इसके बाद दर्शकों तालियों बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया और महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें बधाई दी।
तैयारी के दौरान सोनिका ने अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर लूसी मार्टिन्स से प्रेरणा ली, जो गर्भावस्था में भी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं। सोनिका ने उनसे इंस्टाग्राम पर संपर्क कर सलाह और मोटिवेशन प्राप्त किया। 2014 बैच की यह अधिकारी इस समय कम्युनिटी पुलिसिंग सेल में तैनात हैं। इससे पहले, वे मजनू का टीला क्षेत्र में बीट ऑफिसर के रूप में एंटी-ड्रग जागरूकता अभियानों में अहम भूमिका निभा चुकी हैं। उनके समर्पण और साहस को पहले भी सराहा गया है। 2022 में दिल्ली पुलिस आयुक्त ने उन्हें सम्मानित किया था और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी महिला दिवस पर उनकी हिम्मत और लगन की तारीफ की थी।
आंध्र प्रदेश में जब सोनिका ने 145 किलो का डेडलिफ्ट पूरा किया और पदक जीता, तब उनकी गर्भावस्था का खुलासा होते ही दर्शक दंग रह गए। सोनिका ने अपनी सफलता का श्रेय हिम्मत और निरंतरता को देते हुए कहा कि अगर जज्बा हो तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती, गर्भावस्था भी नहीं।