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World Championships: सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, विश्व चैंपियनशिप में पुरुष युगल में देश को पहला पदक दिलाया
Fri, 26 Aug 2022 12:02 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 26 Aug 2022 12:02 PM IST
सार
भारतीय जोड़ी ने जापानी जोड़ी को 24-22 15-21 21-14 के अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है और अपना पदक पक्का कर लिया। यह पहला मौका है, जब इस प्रतियोगिता के पुरुष युगल में भारतीय खिलाड़ियों ने कोई पदक पक्का किया है।
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सात्विक-चिराग
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जापान की राजधानी टोक्यो में भारत के सात्विकसाईराज रेड्डी और चिराग शेट्टी ने कमाल किया है। भारतीय जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में अपना पदक पक्का कर लिया है। ये पहली भारतीय जोड़ी है, जिसने पुरुष युगल में पदक पक्का किया है। विश्व में सातवीं रैंकिंग वाले सात्विक-चिराग ने विश्व की नंबर दो जोड़ी टकुरो होकी और युगो कोबायशी को क्वार्टर फाइनल में हराकर बड़ा उलटफेर किया है। भारतीय जोड़ी ने इस मुकाबले में जापानी जोड़ी को 24-22 15-21 21-14 के अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई है और अपना पदक पक्का कर लिया है।
इसी महीने की शुरुआत में देश के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली जोड़ी ने इस मुकाबले में कमाल का प्रदर्शन किया। एक घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने जापानी जोड़ी को उनके घरेलू मैदान पर हरा दिया। इस टूर्नामेंट में इन दोनों से पहले कोई भी जोड़ी पुरुष युगल में पदक नहीं जीत पाई थी। हालांकि, महिला युगल में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2011 में जरूर देश को पदक दिलाया था। अब इस भारत को इस प्रतियोगिता में दूसरा पदक मिला है।
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इसी महीने की शुरुआत में देश के लिए राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली जोड़ी ने इस मुकाबले में कमाल का प्रदर्शन किया। एक घंटे 15 मिनट तक चले मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने जापानी जोड़ी को उनके घरेलू मैदान पर हरा दिया। इस टूर्नामेंट में इन दोनों से पहले कोई भी जोड़ी पुरुष युगल में पदक नहीं जीत पाई थी। हालांकि, महिला युगल में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की जोड़ी ने 2011 में जरूर देश को पदक दिलाया था। अब इस भारत को इस प्रतियोगिता में दूसरा पदक मिला है।
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संघर्ष के दम पर जीता मुकाबला
इस मैच में शुरुआत से ही दोनों जोड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ। अंत में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 24-22 के अंतर से अपने नाम किया। दूसरे गेम में जापानी जोड़ी ने बेहतरीन वापसी की और 21-15 के अंतर से यह गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम के बाद लग रहा था कि भारतीय जोड़ी वापसी नहीं कर पाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सात्विक-चिराग ने तीसरा गेम 21-14 के अंतर से जीत लिया और अपना पदक पक्का कर लिया।
इससे पहले, एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला की जोड़ी को तीन बार के स्वर्ण पदक विजेता मोहम्मद अहसान और हेंड्रा सेतियावान के खिलाफ पुरुष युगल क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों ने इस टूर्नामेंट में कई सनसनीखेज जीत हासिल की थी। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की जोड़ी ने 30 मिनट से भी कम समय में 8-21, 14-21 के अंतर से हरा दिया। इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारतीय जोड़ी का सफर खत्म हो गया।
भारतीय जोड़ी ने इससे पहले दूसरे दौर में डेनमार्क के आठवीं वरीयता प्राप्त किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन को मात दी थी।
इस मैच में शुरुआत से ही दोनों जोड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ। अंत में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 24-22 के अंतर से अपने नाम किया। दूसरे गेम में जापानी जोड़ी ने बेहतरीन वापसी की और 21-15 के अंतर से यह गेम अपने नाम किया। दूसरे गेम के बाद लग रहा था कि भारतीय जोड़ी वापसी नहीं कर पाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सात्विक-चिराग ने तीसरा गेम 21-14 के अंतर से जीत लिया और अपना पदक पक्का कर लिया।
इससे पहले, एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला की जोड़ी को तीन बार के स्वर्ण पदक विजेता मोहम्मद अहसान और हेंड्रा सेतियावान के खिलाफ पुरुष युगल क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इन दोनों ने इस टूर्नामेंट में कई सनसनीखेज जीत हासिल की थी। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया की जोड़ी ने 30 मिनट से भी कम समय में 8-21, 14-21 के अंतर से हरा दिया। इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारतीय जोड़ी का सफर खत्म हो गया।
भारतीय जोड़ी ने इससे पहले दूसरे दौर में डेनमार्क के आठवीं वरीयता प्राप्त किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन को मात दी थी।