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गोपी सर के गुरु मंत्र से मिली साइना को सफलता, बनी कॉमनवेल्थ की 'गोल्डन गर्ल'

Sun, 06 May 2018 11:13 AM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
सत्येन्द्र पाल सिंह, स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 06 May 2018 11:13 AM IST
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saina nehwal says Gopi sir guru mantra worked in Commonwealth Games
साइना नेहवाल

साइना नेहवाल ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों और एशियन बैडमिंटन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया वह रंग में लौट आई हैं। साइना नेहवाल ने अमर उजाला से शनिवार को कहा, 'हर बड़े खिलाड़ी के करियर में ऐसा दौर आता है जब चोट उसे परेशान करती है। चोट के बाद बतौर बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी के लिए जरूरी है खुद पर विश्वास। चोट के बाद कोर्ट पर वापसी इसलिए कर पाई क्योंकि मुझे खुद पर विश्वास था। मैं आज जहां भी हूं अपने कोच गोपी (सर) की बदौलत हूं।'

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साइना ने कहा, 'उनकी सबसे खास बात यह है कि वह किसी भी स्थिति में सहज होकर खेलने और निरंतर बेहतर करने को प्रेरित करते हैं। मेरी कोशिश अब खुद को बराबर फिट रखने की है। बहुत करीबी मैचों में मानों की 17-17, 20-20 जैसे अहम अंकों पर कोर्ट के बाहर गोपी सर की देखती हूं। उनका इशारा बस पूरी शिद्दत से खेल कर कोर्ट पर बेहतर करने का होता है। गोपी सर का गुरुमंत्र बस यही है कि रणनीति की बजाय पूरी तरह फोकस होकर कोर्ट पर खेले।'
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saina nehwal says Gopi sir guru mantra worked in Commonwealth Games
पुलेला गोपीचंद

वह बताती हैं, 'एशिया में बैडमिंटन में अब केवल चीन ही चुनौती नहीं है। अब चीनी ताइपे, दक्षिण कोरियाई और मलयेशियाई खिलाड़ी बहुत तेजी से उबर रही हैं। बैडमिंटन का स्तर एशिया में और उंचा उठ रहा है। ऐसे में एशिया में पदक जीतने के लिए बतौर खिलाड़ी और ज्यादा कड़ी चुनौती है। मेरा मानना है एशियाई खेलों में पदक जीतने के लिए अपनी फिटनेस पर बहुत मेहनत करनी होगी। मैं और सिंधू एक ही गुरु गोपी की शिष्या हैं।

उन्होंने बताया, 'हमारे गुरु ने अंतर्राष्ट्रीय पर कामयाबी का बस यही मंत्र दिया है कि नतीजे की परवाह किए बिना कोर्ट पर शिद्दत से खेले। मैं औैर सिंधू  बहुत मेहनती हैं। हम सिर्फ और सिर्फ बैडमिंटन की बाबत ही सोचती हैं हम दोनों इसलिए एक बार कोर्ट पर उतर कर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करती हैं। हमने अब तक जो भी हासिल किया अपनी इस मेहनत की बदौलत हासिल किया है। राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में मेरा सिंधू के खिलाफ महिला सिंगल्स फाइनल खासा रोचक रहा। मैं अहम अंकों पर ज्यादा संयत होकर खेली और इसीलिए मैं सुनहरा तमगा जीत पाईं।'

saina nehwal says Gopi sir guru mantra worked in Commonwealth Games
saina nehwal and pv sindhu

साइना कहती हैं, 'हमें ओलंपिक मेडल न जीत पाने की कसक का अहसास गोपी सर से बातचीत करने पर ही हुआ। जब मैंने लंदन ओलंपिक में 2012 में ब्रॉन्ज मेडल जीता और तिरंगा लहराया गया तो वहां कोर्ट के एक कोने में खड़े गोपी सर की आंखों से खुशी की आंसू बह निकले थे।'

'यह देखकर मैं भी भावुक हो गई थी। ओलंपिक मेडल जीतने के लिए मैनें सात आठ घंटे रोज प्रैक्टिस की। गोपी सर की मेहनत का तो कोई सानी ही नहीं है वह 17 से 18 घंटे बैडमिंटन कोर्ट पर सिर्फ और सिर्फ बैडमिंटन खिलाड़ियों को तराशने पर लगाते हैं। मैं बैडमिंटन के अलावा कुछ ओर सोचती नहीं हूं । जब भी फुर्सत मिलती है ता बॉलीवुड मूवी देखना पसंद करती हूं।'

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