{"_id":"6732234d1de808f42808553d","slug":"pv-sindhu-and-lakshya-sen-aim-to-make-amends-after-poor-run-since-paris-olympics-at-kumamoto-masters-2024-11-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Kumamoto Masters: सिंधू की नजरें फॉर्म में वापसी पर टिकी होंगी, लंबे समय से कर रही हैं संघर्ष","category":{"title":"Badminton","title_hn":"बैडमिंटन","slug":"badminton"}}
Kumamoto Masters: सिंधू की नजरें फॉर्म में वापसी पर टिकी होंगी, लंबे समय से कर रही हैं संघर्ष
Mon, 11 Nov 2024 09:01 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 11 Nov 2024 09:01 PM IST
सार
सिंधू करीब 24 महीनों से संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन का खिताब जीता था जिसके बाद से वह चैंपियन बनने के लिए चुनौती पेश कर रही हैं। रियो ओलंपिक 2016 में रजत और टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू इस साल पेरिस ओलंपिक में पदक नहीं जीत सकी थीं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था।
विज्ञापन
पीवी सिंधू
- फोटो : @KhelNow
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन मंगलवार से शुरू हो रहे कुमामोतो मास्टर्स जापान सुपर 500 टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती की अगआई करते हुए फॉर्म में लौटने का प्रयास करेंगे। इन दोनों खिलाड़ियों को पेरिस ओलंपिक में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा है। सिंधू डेनमार्क ओपन सुपर 750 में क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं, लेकिन लक्ष्य सेन आर्कटिक ओपन सुपर 500 और डेनमार्क ओपन दोनों में जल्दी बाहर हो गए थे।
विज्ञापन
करीब 24 महीनों से संघर्ष कर रही हैं सिंधू
सिंधू करीब 24 महीनों से संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन का खिताब जीता था जिसके बाद से वह चैंपियन बनने के लिए चुनौती पेश कर रही हैं। रियो ओलंपिक 2016 में रजत और टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू इस साल पेरिस ओलंपिक में पदक नहीं जीत सकी थीं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इन असफलताओं के बावजूद सिंधू को विश्वास है कि अपने नए कोच अनुप श्रीधर और कोरिया के दिग्गज ली स्युन इल के साथ मिलकर काम करने से वह बेहतर परिणाम हासिल करेंगी।
सिंधू करीब 24 महीनों से संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने 2022 में सिंगापुर ओपन का खिताब जीता था जिसके बाद से वह चैंपियन बनने के लिए चुनौती पेश कर रही हैं। रियो ओलंपिक 2016 में रजत और टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली सिंधू इस साल पेरिस ओलंपिक में पदक नहीं जीत सकी थीं और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इन असफलताओं के बावजूद सिंधू को विश्वास है कि अपने नए कोच अनुप श्रीधर और कोरिया के दिग्गज ली स्युन इल के साथ मिलकर काम करने से वह बेहतर परिणाम हासिल करेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जापान ओपन के पहले दौर में सिंधू का मुकाबला थाईलैंड की आठवीं वरीयता प्राप्त बुसानन ओंगबामरुंगफान से होगा। सिंधू ने कहा, मैं शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छी स्थिति में हूं। हमने खेल के विभिन्न पहलुओं पर काम किया है। मुझे उम्मीद है कि नए कोचों के मार्गदर्शन में मैं जापान और चीन में अच्छा प्रदर्शन करने सफल रहूंगी।
दूसरी ओर, लक्ष्य सेन अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया के लियोंग जून हाओ के खिलाफ करेंगे। इस मैच में जीत दर्ज करने के बाद उनका अगला मुकाबला इंडोनेशिया के आठवीं वरीयता प्राप्त एंथोनी गिंटिंग से हो सकता है। त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी भी इस टूर्नामेंट में अपनी चुनौती देश करेंगी। पहले दौर में उनका सामना चीनी ताइपे की सू यिनहुई और लिन झिह युन से होगा।
दूसरी ओर, लक्ष्य सेन अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया के लियोंग जून हाओ के खिलाफ करेंगे। इस मैच में जीत दर्ज करने के बाद उनका अगला मुकाबला इंडोनेशिया के आठवीं वरीयता प्राप्त एंथोनी गिंटिंग से हो सकता है। त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी भी इस टूर्नामेंट में अपनी चुनौती देश करेंगी। पहले दौर में उनका सामना चीनी ताइपे की सू यिनहुई और लिन झिह युन से होगा।