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India Open Badminton: इंडिया ओपन बैडमिंटन में भारतीय शटलरों से बड़ी उम्मीदें, मुश्किल ड्रॉ सबसे बड़ी चुनौती
Mon, 12 Jan 2026 03:24 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 12 Jan 2026 03:24 PM IST
सार
इंडिया ओपन 2026 भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा मौका है, लेकिन ड्रॉ चुनौतीपूर्ण है। सिंधू, सेन और सात्विक-चिराग जैसी दिग्गज जोड़ियां जहां पोडियम की दावेदार हैं, वहीं मालविका बंसोड, आयुष शेट्टी और युवा युगल जोड़ियां घरेलू मंच पर अपनी पहचान बना सकती हैं। समर्थन, दबाव और प्रतिस्पर्धा, ये तीनों मिलकर टूर्नामेंट को रोमांचक बनाएंगे।
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पीवी सिंधू, एचएस प्रणय और लक्ष्य सेन
- फोटो : PTI
विस्तार
इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट (इनामी राशि: 950,000 USD) मंगलवार से नई दिल्ली में शुरू हो रहा है और भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों से इस बार बड़ी उम्मीदें हैं। पीवी सिंधू, लक्ष्य सेन सहित शीर्ष शटलर अपने हालिया फॉर्म को ठोस नतीजों में बदलने की कोशिश करेंगे, खासकर घरेलू दर्शकों के सामने खेलते हुए।
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ऐतिहासिक चुनौती: घरेलू कोर्ट का दबाव
भारत के खिलाड़ियों का पिछले 15 वर्षों में घरेलू कोर्ट पर प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। इस अवधि में केवल कुछ ही भारतीय—साइना, सिंधू, श्रीकांत, सात्विक-चिराग और लक्ष्य—खिताब जीत पाए हैं। ऐसे में घरेलू माहौल जहां समर्थन देता है, वहीं दबाव भी बढ़ाता है।
भारत के खिलाड़ियों का पिछले 15 वर्षों में घरेलू कोर्ट पर प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। इस अवधि में केवल कुछ ही भारतीय—साइना, सिंधू, श्रीकांत, सात्विक-चिराग और लक्ष्य—खिताब जीत पाए हैं। ऐसे में घरेलू माहौल जहां समर्थन देता है, वहीं दबाव भी बढ़ाता है।
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सिंधू और मालविका पर निगाहें
दिग्गज पीवी सिंधू 2017 में यहां चैंपियन रह चुकी हैं। पिछला सप्ताह उन्होंने मलेशिया ओपन सुपर 1000 के सेमीफाइनल तक पहुंचकर अच्छा संकेत दिया, हालांकि चीन की वांग झियी से हार गईं। इंडिया ओपन में उनका पहला मैच वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह से होगा। महिला एकल में दूसरी भारतीय उम्मीद मालविका बंसोड हैं, जिनका मुकाबला चीनी ताइपे की पाई यू पो से है। युवा खिलाड़ियों के पास भी घरेलू माहौल में चमकने का मौका रहेगा।
दिग्गज पीवी सिंधू 2017 में यहां चैंपियन रह चुकी हैं। पिछला सप्ताह उन्होंने मलेशिया ओपन सुपर 1000 के सेमीफाइनल तक पहुंचकर अच्छा संकेत दिया, हालांकि चीन की वांग झियी से हार गईं। इंडिया ओपन में उनका पहला मैच वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह से होगा। महिला एकल में दूसरी भारतीय उम्मीद मालविका बंसोड हैं, जिनका मुकाबला चीनी ताइपे की पाई यू पो से है। युवा खिलाड़ियों के पास भी घरेलू माहौल में चमकने का मौका रहेगा।
पुरुष एकल: सेन बनाम शेट्टी से सख्त शुरुआत
पुरुष एकल में शुरुआती राउंड में ही भारतीय भिड़ंत देखने को मिलेगी, जब लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी आमने-सामने होंगे। सेन ने 2022 में यहां खिताब जीता था और पिछले सत्र का अंत ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 जीतकर किया, हालांकि मलयेशिया ओपन में वे जल्दी बाहर हो गए।
आयुष शेट्टी 2025 में अमेरिकी ओपन सुपर 300 जीतकर चर्चा में आए। उन्होंने कोदाई नाराओका, लोह कीन यू जैसे नामी खिलाड़ियों को हराया और हाल में ली जी जिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इसके अलावा एचएस प्रणय का सामना हांगकांग के ली चेउक यिउ से, जबकि किदांबी श्रीकांत का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा।
पुरुष एकल में शुरुआती राउंड में ही भारतीय भिड़ंत देखने को मिलेगी, जब लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी आमने-सामने होंगे। सेन ने 2022 में यहां खिताब जीता था और पिछले सत्र का अंत ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 जीतकर किया, हालांकि मलयेशिया ओपन में वे जल्दी बाहर हो गए।
आयुष शेट्टी 2025 में अमेरिकी ओपन सुपर 300 जीतकर चर्चा में आए। उन्होंने कोदाई नाराओका, लोह कीन यू जैसे नामी खिलाड़ियों को हराया और हाल में ली जी जिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इसके अलावा एचएस प्रणय का सामना हांगकांग के ली चेउक यिउ से, जबकि किदांबी श्रीकांत का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा।
पुरुष युगल में सात्विक-चिराग सबसे बड़ी उम्मीद
भारतीय पोडियम उम्मीदों का सबसे बड़ा आधार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी होगी। वे इस टूर्नामेंट में 2022 के चैंपियन रह चुके हैं और दो बार फाइनल खेल चुके हैं। मलेशिया ओपन में क्वार्टर फाइनल में हार के बाद वे यहां वापसी की कोशिश करेंगे। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी कई युवा भारतीय जोड़ियां उतरेंगी, जिनमें प्रिया-श्रुति, पांडा बहनें, त्रिसा-गायत्री, ध्रुव-तनीषा आदि शामिल हैं। यह अगली पीढ़ी के लिए बड़ा मंच साबित हो सकता है।
भारतीय पोडियम उम्मीदों का सबसे बड़ा आधार सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी होगी। वे इस टूर्नामेंट में 2022 के चैंपियन रह चुके हैं और दो बार फाइनल खेल चुके हैं। मलेशिया ओपन में क्वार्टर फाइनल में हार के बाद वे यहां वापसी की कोशिश करेंगे। महिला युगल और मिश्रित युगल में भी कई युवा भारतीय जोड़ियां उतरेंगी, जिनमें प्रिया-श्रुति, पांडा बहनें, त्रिसा-गायत्री, ध्रुव-तनीषा आदि शामिल हैं। यह अगली पीढ़ी के लिए बड़ा मंच साबित हो सकता है।