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Japan Open 2022: लक्ष्य सेन और साइना नेहवाल हारकर टूर्नामेंट से बाहर, अब सिर्फ श्रीकांत से उम्मीद
Thu, 01 Sep 2022 02:04 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 01 Sep 2022 02:04 PM IST
सार
लक्ष्य सेन को दुनिया के 21वें नंबर के खिलाड़ी निशिमोतो के खिलाफ 21-18, 14-21, 13-21 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने एक घंटे छह मिनट तक संघर्ष किया, लेकिन आखिरी दोनो गेम हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
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लक्ष्य सेन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जापान ओपन में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। पीवी सिंधु की गैरमौजूदगी में लक्ष्य सेन और साइना नेहवाल जैसे खिलाड़ियों से ज्यादा उम्मीदें थी, लेकिन दोनों ने निराश किया है। अब किदांबी श्रीकांत ही भारत की एकमात्र हैं। श्रीकांत ने दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी ली जि जिया को सीधे गेम में हराकर देश की उम्मीदें कायम रखी हैं। हालांकि, कॉमनवेल्थ खेलों में कमाल करने वाले लक्ष्य सेन को जापान ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं, साइना नेहवाल वापसी के बाद से कुछ खास नहीं कर पाई हैं और इस टूर्नामेंट में भी जल्दी बाहर हो गईं।
विश्व चैंपियनशिप में जल्दी हारकर बाहर होने वाले श्रीकांत ने पांचवीं वरीयता प्राप्त सीड ली को 22-20, 23-21 के अंतर से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। उन्होंने यह मुकाबला महज 37 मिनट में जीत लिया। दोनों खिलाड़ी चार बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं, लेकिन यह पहला मौका है, जब भारतीय खिलाड़ी ने जीत हासिल की है।
2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन ने जापान के केंता निशिमोतो के खिलाफ पहला सेट 21-18 के अंतर से जीता, लेकिन बाकी दोनों सेट 14-21, 13-21 के अंतर से हार गए। दुनिया के 21वें नंबर के खिलाड़ी ने लक्ष्य को बड़ी आसानी से हराया।
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विश्व चैंपियनशिप में जल्दी हारकर बाहर होने वाले श्रीकांत ने पांचवीं वरीयता प्राप्त सीड ली को 22-20, 23-21 के अंतर से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। उन्होंने यह मुकाबला महज 37 मिनट में जीत लिया। दोनों खिलाड़ी चार बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं, लेकिन यह पहला मौका है, जब भारतीय खिलाड़ी ने जीत हासिल की है।
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2021 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन ने जापान के केंता निशिमोतो के खिलाफ पहला सेट 21-18 के अंतर से जीता, लेकिन बाकी दोनों सेट 14-21, 13-21 के अंतर से हार गए। दुनिया के 21वें नंबर के खिलाड़ी ने लक्ष्य को बड़ी आसानी से हराया।
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साइना भी हारीं
लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल शीर्ष वरीयता प्राप्त अकाने यामागुची के खिलाफ कोई चुनौती नहीं पेश कर सकीं। 30 मिनट के अंदर खत्म हुए इस मुकाबले में उन्हें 9-21, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। पुरुष युगल में एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला की जोड़ी भी ग्यू और किम वोन हो से 21-19, 21-23, 15-21 से हार गई। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली को महिला युगल वर्ग में थाईलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त जोंगकोलफन कितिथाराकुल और राविंदा प्राजोंगजाई से 17-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा।
जूही देवांगन और वेंकट गौरव प्रसाद की मिश्रित युगल जोड़ी को 23 मिनट में चीनी शीर्ष वरीय झेंग सी वेई और हुआंग या कियांग से 11-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा।
लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल शीर्ष वरीयता प्राप्त अकाने यामागुची के खिलाफ कोई चुनौती नहीं पेश कर सकीं। 30 मिनट के अंदर खत्म हुए इस मुकाबले में उन्हें 9-21, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। पुरुष युगल में एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला की जोड़ी भी ग्यू और किम वोन हो से 21-19, 21-23, 15-21 से हार गई। बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता गायत्री गोपीचंद और ट्रीसा जॉली को महिला युगल वर्ग में थाईलैंड की सातवीं वरीयता प्राप्त जोंगकोलफन कितिथाराकुल और राविंदा प्राजोंगजाई से 17-21, 18-21 से हार का सामना करना पड़ा।
जूही देवांगन और वेंकट गौरव प्रसाद की मिश्रित युगल जोड़ी को 23 मिनट में चीनी शीर्ष वरीय झेंग सी वेई और हुआंग या कियांग से 11-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा।