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Amit Shah: अमित शाह ने किया वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन, कहा-अहमदाबाद बनेगा देश की खेल राजधानी
Sun, 14 Sep 2025 09:00 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sun, 14 Sep 2025 09:00 PM IST
सार
अमित शाह ने रविवार को वीर सावरकर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते हुए विश्वास जताया कि अहमदाबाद देश की स्पोर्ट्स कैपिटल बनेगा।
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अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में नंबर एक बनाना है। उन्होंने यह बात रविवार को गुजरात में अहमदाबाद के नारणपुरा में निर्मित वीर सावरकर खेल परिसर का उद्घाटन करते हुए कही। खेल परिसर को भारत का सबसे बड़ा और विश्व में सबसे उन्नत परिसर बताते हुए उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों को उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने तथा विश्व भर में पदक जीतने के लिए प्रेरित करेगा। 2047 तक भारत को हर क्षेत्र में दुनिया में नंबर एक बनाना लक्ष्य है। अगर दुनिया में सबसे पहले कहीं खेल शुरू हुआ होगा तो वह भारत में ही हुआ होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल योजना बनाई, बल्कि खिलाड़ियों को अच्छा प्रशिक्षण मिले और चयन प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से हो, इसकी व्यवस्था भी की है। उन्होंने देश में खेलों में बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री को दिया।
वीर सावरकर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि सावरकर जंजीरों में जकड़े हुए फ्रांस के पास एक बंदरगाह से समुद्र में कूद गए थे। अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ लिया और भारत ले आए। सावरकर एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें एक ही जीवन में दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने कहा कि यहां खेलने आने वाले खिलाड़ी दुनिया भर में खेलने और पदक जीतने के लिए प्रेरित होंगे। परिसर में न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि प्रशिक्षकों के लिए भी आधुनिक बुनियादी ढांचा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां खिलाड़ियों का खेल स्लो मोशन में देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। यह पूरी तरह से हरित खेल परिसर भारत सरकार और गुजरात सरकार द्वारा निर्मित है।
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वीर सावरकर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि सावरकर जंजीरों में जकड़े हुए फ्रांस के पास एक बंदरगाह से समुद्र में कूद गए थे। अंग्रेजों ने उन्हें पकड़ लिया और भारत ले आए। सावरकर एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें एक ही जीवन में दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने कहा कि यहां खेलने आने वाले खिलाड़ी दुनिया भर में खेलने और पदक जीतने के लिए प्रेरित होंगे। परिसर में न केवल खिलाड़ियों के लिए बल्कि प्रशिक्षकों के लिए भी आधुनिक बुनियादी ढांचा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां खिलाड़ियों का खेल स्लो मोशन में देखने की सुविधा भी उपलब्ध है। यह पूरी तरह से हरित खेल परिसर भारत सरकार और गुजरात सरकार द्वारा निर्मित है।
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