{"_id":"69ce59964d03039dd0086ab5","slug":"american-grandmaster-hikaru-nakamura-has-slammed-fide-for-its-stringent-anti-cheating-measures-at-candidates-2026-04-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Candidates Tournament: 'क्या हम ईरान में मोसाद के एजेंट हैं?', किस कारण फिडे पर भड़के नाकामुरा; कसा तंज","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Candidates Tournament: 'क्या हम ईरान में मोसाद के एजेंट हैं?', किस कारण फिडे पर भड़के नाकामुरा; कसा तंज
Thu, 02 Apr 2026 05:27 PM IST
Sovit Chaturvedi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sovit Chaturvedi
Updated Thu, 02 Apr 2026 05:27 PM IST
सार
अमेरिका के ग्रैंडमास्टर हिकारु नाकामुरा ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में एंटी चीटिंग नियम को लेकर फिडे की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि इस नियम के कारण लगता है कि हम ईरान में रह रहे मोसाद के एजेंट हैं।
विज्ञापन
हिकारु नाकामुरा
- फोटो : Hikaru Nakamura X
विस्तार
अमेरिका के ग्रैंडमास्टर हिकारु नाकामुरा ने अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) की आलोचना की है। नाकामुरा साइप्रस में चल रहे कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में एंटी-चीटिंग (धोखाधड़ी रोधी व्यवस्था) उपायों को लेकर फिडे पर भड़के हैं और उन्होंने इस नियम पर तंज कसा है और इसे बेतुका करार दिया है। विश्व रैंकिंग में दूसरे नंबर के खिलाड़ी ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में लागू एंटी-चीटिंग उपायों के बारे में पूछे जाने पर नाराजगी जाहिर की। यह टूर्नामेंट इस साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए डी गुकेश को चुनौती देने वाले खिलाड़ी का फैसला करेगा।
विज्ञापन
Trending Videos
प्लेइंग एरिया में लगे हैं स्कैनर
नाकामुरा ने कहा कि प्लेइंग एरिया में स्कैनर और मशीन के कारण खिलाड़ियों को लग रहा है कि वह ईरान के भीतर काम करने वाले मोसाद के एजेंट हों। मालूम हो कि मोसाद इस्राइल की खुफिया एजेंसी है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर जॉन लुडविग हैमर और लक्जमबर्ग की विम फियोना स्टील-एंटोनी के साथ बातचीत में कहा, खेल में देरी, बोर्ड पर धोखाधड़ी जैसी बातों के बारे में मेरा सामान्य विचार यही है कि मैं इसे पूरी तरह बकवास मानता हूं। कमरे में खिलाड़ियों को स्कैन करने के लिए उनके पास मौजूद मशीनों की संख्या को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह वाकई बकवास है।
नाकामुरा ने कहा कि प्लेइंग एरिया में स्कैनर और मशीन के कारण खिलाड़ियों को लग रहा है कि वह ईरान के भीतर काम करने वाले मोसाद के एजेंट हों। मालूम हो कि मोसाद इस्राइल की खुफिया एजेंसी है। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर जॉन लुडविग हैमर और लक्जमबर्ग की विम फियोना स्टील-एंटोनी के साथ बातचीत में कहा, खेल में देरी, बोर्ड पर धोखाधड़ी जैसी बातों के बारे में मेरा सामान्य विचार यही है कि मैं इसे पूरी तरह बकवास मानता हूं। कमरे में खिलाड़ियों को स्कैन करने के लिए उनके पास मौजूद मशीनों की संख्या को देखते हुए, मुझे लगता है कि यह वाकई बकवास है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नाकामुरा बोले- फिडे को समझनी चाहिए हकीकत
ओपन वर्ग में कैंडिडेट्स के आठ खिलाड़ियों में शामिल नाकामुरा ने कहा कि फिडे को हकीकत समझनी चाहिए, क्योंकि इतने मजबूत खिलाड़ियों और बड़ी संख्या में अंपायरों की मौजूदगी में चीटिंग करना असंभव है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है यह सब बिल्कुल बकवास है। इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे इससे कोई खास समस्या है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ खिलाड़ियों ने जो आशंकाएं व्यक्त की हैं, वे निराधार हैं। मैं सच कहूं तो वे खेल से पहले और खेल के बाद हमारी जांच करते हैं। उनके पास मेटल डिटेक्टर हैं, उनके पास अलग स्कैनर हैं, मुझे लगता है कि हम सब क्या हैं? क्या हम ईरान में मोसाद के एजेंट हैं? हम तो शतरंज के खिलाड़ी हैं, थोड़ा यथार्थवादी बनिए।
ओपन वर्ग में कैंडिडेट्स के आठ खिलाड़ियों में शामिल नाकामुरा ने कहा कि फिडे को हकीकत समझनी चाहिए, क्योंकि इतने मजबूत खिलाड़ियों और बड़ी संख्या में अंपायरों की मौजूदगी में चीटिंग करना असंभव है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है यह सब बिल्कुल बकवास है। इसका मतलब यह नहीं है कि मुझे इससे कोई खास समस्या है, लेकिन मुझे लगता है कि कुछ खिलाड़ियों ने जो आशंकाएं व्यक्त की हैं, वे निराधार हैं। मैं सच कहूं तो वे खेल से पहले और खेल के बाद हमारी जांच करते हैं। उनके पास मेटल डिटेक्टर हैं, उनके पास अलग स्कैनर हैं, मुझे लगता है कि हम सब क्या हैं? क्या हम ईरान में मोसाद के एजेंट हैं? हम तो शतरंज के खिलाड़ी हैं, थोड़ा यथार्थवादी बनिए।
नाकामुरा ने चौथे दौर में वेई यी के साथ ड्रॉ खेला और उनके खाते में अब 1.5 अंक हैं। उनसे जब पूछा गया कि क्या उन्होंने फिडे को अपनी प्रतिक्रिया दी है, तो उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा करने की कोई जरूरत नहीं लगी।