अफरीदी की राह पर मेसी, संन्यास के फैसले पर पलटे
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स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी पाकिस्तानी क्रिकेट खिलाड़ियों की राह पर चल पड़े हैं। उनकी दोबारा से अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम में वापसी हो गई है।
जुलाई में अमेरिका में आयोजित कोपा अमेरिका के फाइनल मुकाबले में चिली के खिलाफ पेनल्टी शूट आउट में हारने के बाद मेसी ने भावुक होकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की थी। वह पेनल्टी शूट आउट में खुद भी गोल नहीं कर सके थे। उनकी कप्तानी में 2014 के विश्वकप फाइनल में हार के बाद कोपा अमेरिका की हार दूसरी बड़ी हार थी। मेसी से संन्यास के फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए अर्जेंटीना के राष्ट्रपति ने भी अनुरोध किया था।
मेसी के संन्यास लेने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने मेसी के नाम पर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी की बहुत खिंचाई की थी। आफरीदी का नाम सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा था। मेसी को रियो ओलंपिक के लिए भी राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं दी गई थी।
इसी हफ़्ते टीम में लौट आएंगे मेसी
मेसी की वापसी के बाद उनका नाम वर्ल्ड कप क्वालिफायर टीम में शामिल किया गया है। सितंबर में क्वॉलिफायर मुकाबलों में अर्जेंटीना की टीम उरूगुए और वेनेजुएला के साथ खेलेगी। मेसी ने एक बयान में कहा है कि वो इसलिए यूटर्न ले रहे हैं क्योंकि वो देश से प्यार करते हैं और अर्जेंटीना की जर्सी उनके लिए मायने रखती है। अर्जेंटीना की टीम के मैनेजर एडगार्दो बाउसा ने बार्सिलोना में लियोनेल मेसी से इस उम्मीद में मुलाकात की कि वो इसी हफ्ते टीम में लौट आएंगे।
मेसी ने कहा, '' फ़ाइनल की रात मेरे मन में बहुत कुछ चल रहा था और मैंने छोड़ने के बारे में गंभीरता से सोचा लेकिन मेरे देश और मेरी जर्सी के लिए मेरा प्यार काफ़ी बड़ा है। 29 वर्षीय मेसी अर्जेंटीना के सबसे ज़्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं, उन्होंने 133 मैचों में टीम के लिए 55 गोल दागे हैं।
उन्होंने कहा, " अर्जेंटीना के फ़ुटबॉल में काफ़ी कुछ ठीक करना है, लेकिन मैं ये अंदर रह कर करना चाहता हूं न कि बाहर से आलोचना करना चाहता हूं।"
2008 बीजिंग ओलंपिक में अर्जेंटीना के लिए स्वर्ण पदक दिलाना मेसी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एकमात्र उपलब्धि मानी जाती है।