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इसलिए, महिलाएं पुरुषों से अधिक पूजा पाठ करती हैं
ज्योतिर्मय/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 01 Feb 2014 08:45 AM IST
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महिलाएं पूजा पाठ ज्यादा करती हैं। मंदिरों, चर्च और इबादत गाहों पर भी ज्यादा जाती हैं। आमतौर पर माना जाता है कि इसकी वजह उनका अधिक भावनाशील होना और इस कारण अपने से ज्यादा भगवान पर भरोसा करना है।
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लेकिन ताजा अध्ययन बताते हैं कि महिलाएं ज्यादा आध्यात्मिक होती हैं। प्रकृति ने उन्हें ज्यादा ग्रहणशील बनाया है, इसलिए वे आसपास के मामलों से ज्यादा प्रभावित होती हैं। 'प्लास वन' नामक जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार वे सबसे ज्यादा उस समय विचलित होती हैं जब अपने आसपास किसी अप्रिय घटना को होता देखती हैं।
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एक नये अध्ययन से पता चला है कि टेंशन यानी तनाव का सामना कर रही महिलाएं जब हत्या और बलात्कार जैसी बुरी खबरें पढ़ती हैं तो इससे उनके व्यवहार पर असर पड़ता है और वे इसी हिसाब से बर्ताव करती हैं।
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जर्नल में प्रकाशित ब्यौरे के मुताबिक शोधकर्ताओं ने करीब चार सौ लोगों को इस अध्ययन में शामिल किया था। स्त्री पुरुषों की संख्या बराबर थी। जो नतीजे सामने आए उनके अनुसार ऐसी खबरों या सूचनाओं का पुरूषों पर महिलाओं जैसा असर नहीं पड़ता।
अध्ययन में कहा गया है कि जब महिलाएं कहीं नकारात्मक खबरें पढ़ती हैं तो इससे उनमें स्ट्रेस-हॉरमोन यानी तनाव पैदा करने वाले हॉरमोन का स्तर बढ़ जाता है। इस तरह की खबरें महिलाओं को दिमागी तौर पर ज़्यादा सक्रिय बना देती हैं।
अध्ययन की कमान संभाले किंग्स कॉलेज लंदन में प्रोफेसर टेरी मोफिट ने दूसरे पहलुओं का जिक्र करते हुए कहा कि आध्यात्मिक तौर पर महिलाएं अपने बच्चों और प्रियजनों पर आने वाले ख़तरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती हैं। उन्हें खतरों की ज़्यादा समझ होती है।
इसी वजह से तनाव के पलों में उनका व्यवहार भी पुरुषों की तुलना में अलग होता है। वे अपने मन और मस्तिष्क पर तनाव के असर जिस तरह कम करती हैं, वह वाकई सबके लिए सांत्वना देने और आध्यात्मिकता को बल देने वाला है।
संकट और तनाव के समय वे जिस तरह प्रार्थना, विश्वास और दैवी करुणा से उबर कर आती है, वह वाकई पुरुषों के लिए बहुत कुछ सिखाने वाला हैं।