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सपनों के इस रहस्य को जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Wed, 29 Jan 2014 03:57 PM IST
ज्योतिर्मय/अमर उजाला, दिल्ली
ज्योतिर्मय/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 29 Jan 2014 03:57 PM IST
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colour of dream

आमतौर पर माना जाता है कि सोते समय मनुष्य जो सपने देखता है वे रंग बिरंगे होते हैं। लेकिन अध्ययन से पता चला है कि सपनों का कोई रंग नही होता। वे श्वेत श्याम (ब्लैक एंड व्हाइट) ही होते हैं।

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इस नतीजे पर पहुंचने के बाद जाने माने दार्शनिक मैकेंजी ने तो इसकी वजह भी बता दी। उनके अनुसार मनुष्य जागृत अवस्था में कितना ही सभ्य और सुसंस्कृत लगे पर अवचेतन स्थिति में वह अब भी पाषाण युग की समझ से आगे नहीं बढ़ पाया है।
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उस दौर में मनुष्य को रंगों की पहचान नहीं थी। आंतरिक स्तर पर समझ के लिहाज से वह अब भी वहीं है। जागने पर रंगों के बोध के कारण उसे भ्रम बना रहता है कि सपने भी रंगीन होते हैं।
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इस निष्कर्ष के बाद ब्रेडले और बोकांसो ने तो मनुष्य को सामाजिक और संस्कारी बनाने के लिए सपनों पर काम करने की पैरवी की है। उनके अनुसार सपनों का उपयोग मनुष्य को शिक्षित करने और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए किया जा सकता है।

प्रयास आध्यात्मिक स्तर के होंगे या कुछ और होंगे, अभी यह तय नही किया जा सका है। फिलहाल रात को सोते समय देखे जाने वाले सपनों पर काम जारी है।

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