Mother's Day: एक दिन मां के लिए, एना जारविस ने बनाया इस दिन को खास
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यूं तो भारत में मातृशक्ति के सम्मान की परंपरा आरंभ से ही रही है। सबसे पहले उत्तरी अमेरिका में 13 मई को एना जारविस ने इस दिन को खासतौर पर माताओं का दिन बनाया। यद्यपि एना अविवाहित थी। परिवार में भी कोई बच्चा नहीं था। मां ने उन्हें जितना प्यार दिया और जिस तरह पालन पोषण किया, उसका खासा प्रभाव हुआ। मां के न रहने के बाद उन्हें लगा कि वर्ष में एक दिन तो मां के नाम का रहना ही चाहिए। अब विभिन्न देशों में अलग-अलग तारीखों पर मातृ दिवस मनाया जाता है। आमतौर पर यह मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। भारत में स्त्रियों के प्रति इन दिनों भले ही क्रूरता की घटनाएं बढ़ रही हों, पर यह मान्यता आम है कि मां के ऋण को कभी चुकाया नहीं जा सकता। एक दिन कोई पर्व मनाकर मातृशक्ति के प्रति कृतज्ञता नहीं जताई जा सकती। लेकिन एक दिन लोग मां के प्यार, देखभाल और उसके संस्कारों को याद करें, तो उसकी जगह कोई नहीं ले सकता।