विज्ञापन

सीख: सफलता उन्हीं को मिलती है, जो विफलताओं से घबराते नहीं

एरियाना हफिंग्टन Updated Sat, 10 Feb 2018 04:13 PM IST
for success of life do not afraid of failure
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मेरा जन्म एथेंस में हुआ था। लेकिन सोलह वर्ष की उम्र में ही मैं कैंब्रिज में पढ़ाई के लिए ब्रिटेन आ गई। मेरे उदार विचार और पत्रकारीय साहस की जड़ें एथेंस में गुजारे दिनों में हैं। मेरे माता-पिता एली और कोन्स्तातिनो के साहसिक जीवन ने मुझे काफी प्रभावित किया। मेरी मां ने बचपन से ही मुझे सिखाया था कि विफलता कोई ऐसी चीज नहीं है, जिससे डरा जाए। यह सफलता के विपरीत भी नहीं है। संघर्ष करने से मैं कभी पीछे नहीं हटती हूं। हर किसी को जीवन में विफलता का सामना करना पड़ता है, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है, जो बाधाओं, विफलताओं से घबराए बिना आगे बढ़ते रहते हैं।
विज्ञापन
 वास्तव में कहूं, तो मेरी मां ही मेरी असली गुरु थीं। मेरे पिता एक स्वप्नदर्शी व्यक्ति थे, उन्होंने ही मुझे पत्रकारिता के उत्साह से अवगत कराया। उन्होंने कई अखबार शुरू किए, यह अलग बात है कि वे ज्यादा सफल नहीं रहे। लेकिन उन्हें अखबार निकालने का जुनून था। ग्रीस पर जर्मन कब्जे के दौरान उन्होंने भूमिगत रहकर अखबार निकाला। मेरी मां को शिक्षा के प्रति जुनून था, इसलिए वह पढ़ाई में हमसे अनुशासित रहने की अपेक्षा करती थीं। मेरी मां ने हमारी पढ़ाई के लिए घरेलू विरासती कालीन से लेकर सोने के झुमके की आखिरी जोड़ी तक, सब कुछ हमारे स्कूल की फीस चुकाने के लिए बेच दी। 

माता-पिता के जुनून ने मुझे संघर्ष के लिए प्रेरित किया। कैंब्रिज यूनियन डिबेट टीम की मैं पहली विदेशी और तीसरी महिला प्रेसिडेंट बनी। तेईस की उम्र में मेरी पहली पुस्तक प्रकाशित हुई, जो ग्यारह भाषाओं में अनूदित हुई। फिर भी मेरी दूसरी किताब को छत्तीस जगहों से नकारा गया। 1980 में मैं लंदन से न्यूयॉर्क चली आई और लेखन जारी रखा। मेरी कई किताबें बेस्टसेलर घोषित हुईं। 

1994 में अमेरिकी संसद के चुनाव के दौरान अपने पति के चुनाव प्रचार के दौरान मुझे राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली, मुझे टीवी चर्चाओं में राजनीतिक और सामाजिक टिप्पणीकार के तौर पर बुलाया जाने लगा। हफिंग्टन पोस्ट की शुरुआत मैंने तब की जब मुझे लगा कि पारंपरिक मीडिया में कुछ कमी है। मैं बहुत से लोगों को अपनी बात रखने के लिए मंच देना चाहती थी। लोग तो अक्सर आलोचना करते हैं, लेकिन उन्हें अपने ऊपर हावी न होने दें, अन्यथा आप कुछ नया नहीं कर पाएंगे।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all spirituality news in Hindi related to religion, festivals, yoga, wellness etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more Hindi News.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Wellness

सीख: दूसरों को पीड़ा का हमेशा रहना चाहिए ख्याल

प्रियंका की कहानी, जिसे अपने पीछे की गाड़ी में एक मरीज को देख अपने व्यवहार पर बहुत अफसोस हुआ।

19 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

... इसलिए शुगर पीड़ित लोगों को दिया जाता है इंसुलिन

डायबिटीज के रोगियों को हर बार खाने से पहले इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है। लेकिन क्यों सिर्फ इंसुलिन ही शुगर के रोगियों के लिए महत्वपूर्ण होती है।

7 अगस्त 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree