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इन नियमों के कारण नवरात्र के दौरान विवाह नहीं होता है

Sat, 21 Mar 2015 12:57 PM IST
Updated Sat, 21 Mar 2015 12:57 PM IST
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why marriage inauspicious during navratra
पूरे साल में कई नवरात्र होते हैं जिनमें चैत्र नवरात्र और शारदीय नवरात्र का बड़ा ही महत्व है। शास्त्रों और पुराणों में जिस तरह के उल्लेख मिलते हैं उसके अनुसार चैत्र मास का नवरात्र अधिक महत्वपूर्ण है।
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प्राचीन काल में नवसंवत्सर से आरंभ होने वाला नवरात्र ही अधिक प्रचलित था। लेकिन कलियुग में शारदीय नवरात्र का महत्व बढ़ गया है।

शास्त्रों में नवरात्र को आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने का समय माना गया है। इसलिए नवरात्र के कई नियम भी हैं जिनका पालन व्रत करने वालों को और जो नवरात्र व्रत नहीं करते हैं उन्हें भी इसका पालन करना चाहिए।

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नवरात्र के इन नियमों का पालन जरुरी है

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नवरात्र पवित्र और शुद्धता से जुड़ा पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक पूर्ण पवित्रता और सात्विकता बनाए रखते हुए देवी के नौ स्वरूपों की आराधना करने का विधान।

नवरात्र के दौरान शारीरिक और मानसिक शुद्धता के लिए व्रत रखे जाते हैं। इसलिए नवरात्र के दिनों बहुत से श्रद्धालु कपड़े धोने, शेविंग करने, बाल कटाने और पलंग या खाट पर सोने से भी बचते हैं। क्योंकि नवरात्र में अध्यात्मिक उन्नति के लिए यह नियम बताए गए हैं।

विष्णु पुराण के अनुसार, नवरात्र में व्रत के समय बार-बार पानी पीने, दिन में सोने, तम्बाकू चबाने और स्त्री के साथ सहवास करने से व्रत खंडित हो जाता है। यानी नवरात्र में पति-पत्नी को साथ सोने और स्त्री प्रसंग करने से भी बचना चाहिए।

नवरात्र में विवाह क्यों नहीं होता है?

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नवरात्र के दिनों में विवाह का आयोजन नहीं होता है इसका प्रमुख कारण यह है कि विवाह का उद्देश्य वंश वृद्घि यानी संतान की उत्पत्ति है।

जबकि नवरात्र के दिनों में काम और स्त्री प्रसांग से दूर रहने का नियम है। यह भक्ति और आस्था में डूबने का समय होता है।

ऐसे में विवाह संस्कार होने से मां की आराधना और साधन से व्यक्ति वंचित हो सकता है। इसलिए यह नियम है कि नवरात्र के दिनों में विवाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिए।

शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि नवरात्र के दिनों में रात्रि के समय देवी की पूजा अधिक फलदायी होती है क्योंकि देवी रात्रि स्वरुप है और भगवान शिव दिन के। इसलिए नवरात्र के दिनों में मन को एकाग्र करके देवी में ही लगाना चाहिए न कि उन्य चीजों में।

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