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कौन से देवता को किस तरह का चंदन लगाना होता है शुभ ? पाएं शुभ फल और कृपा
Wed, 25 Jun 2025 11:17 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 25 Jun 2025 11:17 AM IST
सार
अलग-अलग देवताओं को अलग प्रकार का चंदन लगाना उनकी कृपा प्राप्त करने और जीवन में शुभता लाने का साधन माना जाता है।
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शिवजी को सफेद चंदन प्रिय है जो तपस्या, शांति और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिंदू धर्म में चंदन का उपयोग अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। यह न केवल शीतलता और पवित्रता का प्रतीक है, बल्कि देवी-देवताओं की पूजा में इसका विशिष्ट स्थान है। अलग-अलग देवताओं को अलग प्रकार का चंदन लगाना उनकी कृपा प्राप्त करने और जीवन में शुभता लाने का साधन माना जाता है। साथ ही कुछ देवी-देवियों को कुमकुम भी अर्पित किया जाता है। आइए जानें किस देवी-देवता को कौन सा चंदन या कुमकुम लगाना शुभ होता है।
1. भगवान विष्णु – पीला चंदन (हरिद्रा चंदन)
भगवान विष्णु को पीला चंदन अत्यंत प्रिय है। यह धर्म, समृद्धि और शांतिपूर्ण जीवन का प्रतीक है।
लाभ: इससे जीवन में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है।
नियम: पीला चंदन लगाते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें।
2. भगवान शिव – सफेद चंदन
शिवजी को सफेद चंदन प्रिय है जो तपस्या, शांति और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
लाभ: इससे मन को शांति मिलती है, क्रोध कम होता है और पाप नष्ट होते हैं।
नियम: त्रिपुंड बनाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र बोलते हुए चंदन अर्पित करें।
3. भगवान श्रीराम – पीला या केसर मिश्रित चंदन
भगवान श्रीराम को पीला या केसर मिला चंदन लगाना शुभ माना जाता है, जो धर्म और मर्यादा का प्रतीक है।
लाभ: इससे संयम, आदर्श और धैर्य की भावना जीवन में आती है।
नियम: चंदन लगाने से पहले हाथ-पैर धोकर श्रद्धापूर्वक तिलक करें।
4. भगवान श्रीकृष्ण – गोपी चंदन, केसर मिश्रित चंदन या पीला चंदन
भगवान श्रीकृष्ण को गोपी चंदन विशेष रूप से अर्पित किया जाता है, जिसे द्वारका या वृंदावन क्षेत्र से लाया जाता है। केसर मिश्रित या पीला चंदन भी शुभ होता है।
लाभ: गोपी चंदन लगाने से भक्ति, प्रेम, सौंदर्य और सात्त्विकता की वृद्धि होती है।
नियम: तिलक लगाते समय ‘ॐ क्लीं कृष्णाय नमः’ मंत्र का जप करें।
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गणेशजी को लाल चंदन विशेष प्रिय है। यह ऊर्जा और आरंभ का प्रतीक है।
लाभ: इससे कार्यों में सफलता मिलती है और विघ्नों का नाश होता है।
नियम: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का उच्चारण करते हुए चंदन अर्पण करें।
माँ दुर्गा को लाल चंदन और कुमकुम दोनों अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
लाभ: इससे शक्ति, साहस और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।
नियम: पूजा करते समय ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का जप करें और कुमकुम तिलक लगाएं।
7. माँ लक्ष्मी – केसरयुक्त पीला चंदन और कुमकुम
माँ लक्ष्मी को केसर मिश्रित पीला चंदन और कुमकुम दोनों लगाना शुभ होता है।
लाभ: इससे धन, ऐश्वर्य, सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
नियम: शुक्रवार को विशेष रूप से चंदन व कुमकुम अर्पित करें और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।
विशेष नियम:
चंदन शुद्ध जल या गुलाब जल में घिसकर बनाएं।
तिलक हमेशा दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली से लगाएं।
कुमकुम शुद्ध हल्दी से बना होना चाहिए जिसमें चूना न मिला हो।
चंदन और कुमकुम अर्पित करने से पहले भगवान को मन, वचन और कर्म से प्रणाम करें।
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1. भगवान विष्णु – पीला चंदन (हरिद्रा चंदन)
भगवान विष्णु को पीला चंदन अत्यंत प्रिय है। यह धर्म, समृद्धि और शांतिपूर्ण जीवन का प्रतीक है।
लाभ: इससे जीवन में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है।
नियम: पीला चंदन लगाते समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जप करें।
2. भगवान शिव – सफेद चंदन
शिवजी को सफेद चंदन प्रिय है जो तपस्या, शांति और संतुलन का प्रतीक माना जाता है।
लाभ: इससे मन को शांति मिलती है, क्रोध कम होता है और पाप नष्ट होते हैं।
नियम: त्रिपुंड बनाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र बोलते हुए चंदन अर्पित करें।
3. भगवान श्रीराम – पीला या केसर मिश्रित चंदन
भगवान श्रीराम को पीला या केसर मिला चंदन लगाना शुभ माना जाता है, जो धर्म और मर्यादा का प्रतीक है।
लाभ: इससे संयम, आदर्श और धैर्य की भावना जीवन में आती है।
नियम: चंदन लगाने से पहले हाथ-पैर धोकर श्रद्धापूर्वक तिलक करें।
4. भगवान श्रीकृष्ण – गोपी चंदन, केसर मिश्रित चंदन या पीला चंदन
भगवान श्रीकृष्ण को गोपी चंदन विशेष रूप से अर्पित किया जाता है, जिसे द्वारका या वृंदावन क्षेत्र से लाया जाता है। केसर मिश्रित या पीला चंदन भी शुभ होता है।
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लाभ: गोपी चंदन लगाने से भक्ति, प्रेम, सौंदर्य और सात्त्विकता की वृद्धि होती है।
नियम: तिलक लगाते समय ‘ॐ क्लीं कृष्णाय नमः’ मंत्र का जप करें।
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5. भगवान गणेश – लाल या केसरिया चंदन
गणेशजी को लाल चंदन विशेष प्रिय है। यह ऊर्जा और आरंभ का प्रतीक है।
लाभ: इससे कार्यों में सफलता मिलती है और विघ्नों का नाश होता है।
नियम: ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का उच्चारण करते हुए चंदन अर्पण करें।
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6. माँ दुर्गा – लाल चंदन और कुमकुममाँ दुर्गा को लाल चंदन और कुमकुम दोनों अर्पण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
लाभ: इससे शक्ति, साहस और आत्मविश्वास प्राप्त होता है।
नियम: पूजा करते समय ‘ॐ दुं दुर्गायै नमः’ मंत्र का जप करें और कुमकुम तिलक लगाएं।
7. माँ लक्ष्मी – केसरयुक्त पीला चंदन और कुमकुम
माँ लक्ष्मी को केसर मिश्रित पीला चंदन और कुमकुम दोनों लगाना शुभ होता है।
लाभ: इससे धन, ऐश्वर्य, सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि प्राप्त होती है।
नियम: शुक्रवार को विशेष रूप से चंदन व कुमकुम अर्पित करें और ‘ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें।
विशेष नियम:
चंदन शुद्ध जल या गुलाब जल में घिसकर बनाएं।
तिलक हमेशा दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली से लगाएं।
कुमकुम शुद्ध हल्दी से बना होना चाहिए जिसमें चूना न मिला हो।
चंदन और कुमकुम अर्पित करने से पहले भगवान को मन, वचन और कर्म से प्रणाम करें।