कल सुबह 10 बजकर 15 मिनट से देशभर में सूर्यग्रहण लगना शुरू हो जाएगा। सूर्य ग्रहण के लगने से 12 घंटे पहले से सूतक काल की शुरुआत हो जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ कार्य ऐसे होते हैं जो सूतक काल में नहीं करने चाहिए। आज रात्रि 10 बजकर 15 मिनट से सूतक काल की शुरुआत हो रही है। आइए जानते हैं सूतक काल के शुरू होने से पहले किन कामों को कर लेना चाहिए...
Solar Eclipse 2020: सूतक काल के शुरू होने से पहले कर लें ये काम, गर्भवती महिलाएं अपने पास में रख लें ये चीज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- मंदिर में दर्शन
सूतक काल के शुरू होते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। अगर आप मंदिर जाना चाहते हैं तो सूतक लगने से पहले चले जाएं। कोरोना वायरस की वजह से बहुत से मंदिरों में अभी भी भक्तों के प्रवेश पर रोक लगी हुई है, परंतु देश में बहुत से मंदिरों को भक्तों के लिए खोल दिया गया है।
सूतक काल के लगने से सूर्य ग्रहण की समाप्ति तक मंदिर के कपाट बंद ही रखें जाते हैं। देश में उज्जैन का महाकाल मंदिर एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां सूतक का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। यहां पर रोज के नियम से ही आरती की जाती है।
मंदिर में पूजा
- सूतक काल के लगने से पहले घर के मंदिर में पूजा- पाठ कर लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल के समय मंदिरों के कपाट बंद कर देने चाहिए। सूर्य ग्रहण की समाप्ति के बाद ही मंदिरों के कपाट को खोला जाना चाहिए।
भोजन का सेवन कर लें
- सूर्य ग्रहण के सूतक काल के लगने से पहले ही भोजन कर लेना चाहिए। इस बार रात्रि 10 बजकर 15 मिनट के बाद देशभर में सूतक काल का प्रारंभ हो जाएगा। इस समय से पहले ही भोजन कर लें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल से लेकर ग्रहण की समाप्ति तक भोजन नहीं करना चाहिए।
पानी के सेवन की भी होती है मनाही
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल से लेकर ग्रहण की समाप्ति तक पानी का सेवन भी नहीं करना चाहिए। बीमार, बुर्जुग और बच्चे इस समय में भोजन भी कर सकते हैं और पानी का सेवन भी कर सकते हैं।