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Prayagraj Kumbh 2019 : साधुओं के इस शाही स्नान को देखने सात समंदर पार से खिंचे चले आते हैं सैलानी

Sat, 05 Jan 2019 06:21 PM IST
Ayush Jha मधुकर मिश्र, अमर उजाला
मधुकर मिश्र, अमर उजाला Published by: Ayush Jha Updated Sat, 05 Jan 2019 06:21 PM IST
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significance of kumbh mela and shahi snan
कुंभ मेला 2019
संगम की रेती पर तंबुओं का एक नया शहर बस चुका है। गंगा और यमुना तीरे सुबह से लेकर शाम तक मंत्रों के स्वर और शंखों की ध्वनि की गूंजने लगी है। आस्था के इस महामेले में देश के कोने-कोने से साधु-संतों  और श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी है। साथ ही साथ उनका भी जो इस कुंभ का मुख्य आकर्षण होते हैं अर्थात् वो साधु-संत जो सुदूर कंदराओं, पहाड़ों और दुर्गम स्थानों से निकलकर अपने अखाड़ों के महामंडलेश्वर के साथ एक विशेष घड़ी में अपने देवताओं के संग डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं। 
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विशेष घड़ी में अखाड़ों से जुड़े साधु-संतों के यही डुबकी शाही स्नान कहलाती है। सही मायने में मेले की शुरुआत ही इसी शाही स्नान से होती है। प्रयागराज कुंभ मेले का पहला शाही स्नान 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन होगा। जबकि दूसरा शाही स्नान 04 फरवरी मौनी अमावस्या तथा तीसरा 10 फरवरी बसंत पंचमी के दिन होगा। 
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peshwai
कुंभ की शान माने जाने वाले इन 13 अखाड़े जब शाही स्नान के लिए निकलते हैं तो बकायदा उनके लिए एक राजपथ बनाया जाता है। जिस वक्त शंकराचार्य की सेना कहलाने वाले ये अखाड़े अपने दल-बल के साथ घोड़े, हाथी और रथों में सवार होकर निकलते हैं तो उनका वैभव देखते ही बनता है। क्या देशी और क्या विदेशी सभी सोने-चांदी के सिंहासनों पर सवार महामंडलेश्वरों और तलवारबाजी करते नागा साधुओं के करतबों को अपने कैमरे में कैद करते नजर आते हैं। तो आइए जानते हैं प्रयागराज कुंभ मेले में शाही स्नान की शुभ तिथियां और उसके महत्व की बारे जानते हैं — 
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Peshwai Niranjani
पहला शाही स्नान — मकर संक्रांति — 15 जनवरी 2019 
प्रयागराज कुंभ मेले में पहला शाही स्नान मकर संक्रांति के दिन होगा। इसी शाही स्नान से कुंभ मेले की विधि-विधान से शुरुआत होगी। सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि के संक्रमण कहलाती है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करता है। इस दिन पावन नदियों में स्नान के पश्चात्प्र प्रत्यक्ष देवता भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर चावल और तिल का विशेष रूप से दान दिया जाता है।
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Peshwai Atal Akhara
दूसरा शाही स्नान — मौनी अमावस्या — 4 फरवरी 2019
प्रयागराज कुंभ मेले का दूसरा शाही स्नान 4 फरवरी 2019 को मौनी अमावस्या के दिन होगा। मौन व्रत रखते हुए संगमतट पर इस दिन साधना का विशेष फल मिलता है। मान्यता है कि इसी दिन पहले तीर्थांकर ऋषभदेव ने लंबे तप के पश्चात् अपना मौन व्रत तोड़कर मां गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में स्नान किया था। मौनी अमावस्या के दिन संगम तट पर आस्था का बड़ा जमघट लगता है। मोक्ष की कामना लिए लाखों की संख्या में लोग संगम में डुबकी लगाने के लिए पहुंचते हैं। 

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Peshwai Mahanirvani
तीसरा शाही स्नान — बसंत पंचमी — 10 फरवररी 2019 
प्रयागराज कुंभ का तीसरा और अंतिम शाही स्नान 10 फरवरी 2019 को बसंत पंचमी के दिन होगा। इस पावन तिथि के आने तक मौसम सुहावना हो चुका होता है। चूंकि प्रयागराज में मां गंगा-यमुना के साथ माता सरस्वती का भी संगम होता है, ऐसे में इस दिन शस्त्र और शास्त्र में निपुण साधु-संतों के साथ सरस्वती के साधक बड़ी संख्या में इस विशेष स्नान में शामिल होने के लिए पहुंचते हैं।
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