फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Spirituality ›   Religion ›   Shani Pradosh Vrat 2021 Date muhurat timings Vrat vidhi katha

Shani Pradosh Vrat 2021: शनि प्रदोष व्रत आज, जानें व्रत विधि, कथा और उपाय

Sat, 08 May 2021 07:32 AM IST
रुस्तम राणा धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Sat, 08 May 2021 07:32 AM IST
विज्ञापन
Shani Pradosh Vrat 2021 Date muhurat timings Vrat vidhi katha
शनि प्रदोष व्रत 2021 - फोटो : अमर उजाला

वैशाख माह का पहला प्रदोष व्रत 8 मई, शनिवार के दिन पड़ रहा है। प्रदोष व्रत हर माह में त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। शनिवार के दिन यह व्रत पड़ा है इसलिए इस व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। शनि प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ शनि देव की भी पूजा की जाती है। आइए जानते हैं शनि प्रदोष व्रत का मुहूर्त, पूजा विधि और कथा के बारे में।

विज्ञापन

शनि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त
08 मई 2021 शाम 07 बजकर रात 09 बजकर 07 मिनट तक।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदोष व्रत की पूजा विधि

त्रयोदशी तिथि के दिन सूरज उगने से पहले स्नान करके साफ़ वस्त्र धारण कर लें एवं व्रत का संकल्प करें। शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर अथवा घर पर ही बेलपत्र, अक्षत, दीप, धूप, गंगाजल आदि से भगवान शिव की पूजा करें। शिवजी की कृपा पाने के लिए भगवान शिव के मन्त्र ॐ नमः शिवाय का मन ही मन जप करते रहें। प्रदोष बेला में फिर से भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक करने के बाद गंगाजल मिले हुए शुद्ध जल से भगवान का अभिषेक करें। शिवलिंग पर शमी, बेल पत्र, कनेर, धतूरा, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि अर्पित करें। इसके बाद शुद्ध घी का दीपक प्रज्वलित करें एवं शिव चालीसा का पाठ करें। तत्पश्चात कपूर प्रज्वलित कर भगवान की आरती कर भूल-चूक की क्षमा मागें।

विज्ञापन

शनि प्रदोष व्रत कथा
प्राचीन समय में एक नगर में एक सेठ अपने परिवार के साथ निवास करता था। विवाह के काफी समय बाद भी उसे संतान सुख नहीं मिला। इससे सेठ और सेठानी दुखी थे। एक दिन दोनों ने तीर्थ यात्रा पर जाने का फैसला किया। शुभ मुहूर्त में दोनों तीर्थ यात्रा पर निकल पड़े। रास्ते में एक महात्मा मिले। दोनों ने उस महात्मा से आशीष लिया।

ध्यान से विरक्त होने के बाद उस साधु ने दोनों की बातें सुनीं। फिर दोनों को शनि प्रदोष व्रत करने का सुझाव दिया। तीर्थ यात्रा से आने के बाद उन दोनों ने विधि विधान से शनि प्रदोष का व्रत किया। भगवान शिव की पूजा की। कुछ समय बाद सेठानी मां बनी और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। शनि प्रदोष व्रत के प्रभाव से उन दोनों को संतान की प्राप्ति हुई।

शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए करें ये उपाय
  • शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनि प्रदोष के दिन शनि स्त्रोत का पाठ करें। 
  • इस दिन कम से कम शनि मंत्र का एक माला जाप करें। 
  • बूंदी के लड्डू शनि देव को चढ़ाकर काली गाय को खिलाएं। 
  • तेल में चुपड़ी रोटी को काले कुत्ते को खिलाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed