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पापाकुंशा एकादशी 2020: कब है एकादशी, जानिए व्रत की कथा और शुभ मुहूर्त

Thu, 15 Oct 2020 01:50 PM IST
Shashi Shashi धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: Shashi Shashi Updated Thu, 15 Oct 2020 01:50 PM IST
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Papankusha Ekadashi 2020 vrat katha date and auspicious time
पापकुंशा एकादशी 2020 व्रत कथा, तिथि और शुभ मुहूर्त (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social Media

अश्विन मास में शुक्ल पक्ष में पापांकुशा एकादशी का व्रत किया जाता है। इस बार 27 अक्तूबर दिन मंगलवार को एकादशी का व्रत किया जाएगा। 28 अक्तूबर को द्वादशी तिथि वाले दिन प्रातः व्रत का पारण किया जाएगा। एकादशी तिथि को अन्न ग्रहण करना वर्जित माना गया है। इस व्रत  वाले दिन भगवान पद्मनाभ की पूजा करने का प्रावधान है। इस व्रत को करने से सूर्य यज्ञ और तप के समान फल की प्राप्ति होती है। इस व्रत की महिमा को स्वयं भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को बतलाया था। एकादशी के व्रत का बहुत महत्व माना गया है, इस व्रत को नियम और निष्ठा पूर्वक करने मनुष्य के पापकर्मों का नाश होता है। जानते हैं शुभ मुहूर्त और व्रत कथा...

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एकादशी तिथि और व्रत पारण समय

  • एकादशी तिथि आरंभ- 26 अक्तूबर 2020 सुबह 09:00 बजे
  • एकादशी तिथि समापन- 27 अक्तूबर 2020 सुबह 10:46 बजे
  • व्रत पारण समय और तिथि- 28 अक्तूबर 2020 सुबह 06:30 बजे से लेकर सुबह 08:44 बजे तक
  • द्वादशी तिथि समाप्त- 28 अक्तूबर 12:54 PM
     
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पापाकुंशा एकादशी व्रत कथा
प्राचीन समय  में विंध्य पर्वत पर क्रोधन नाम का एक बहुत क्रूर बहेलिया रहा करता था। उसने अपना पूरा जीवन हिंसा, झूठ, छल-कपट और मदिरापान जैसे बुरे कर्म करते हुए व्यतीत कर दिया। जब उसका अंत समय आया तो यमराज ने अपने दूतों को बहेलिया के प्राण हरण करने की आज्ञा दी। जिसके बाद दूतों ने उससे कहा कि कल तुम्हारे जीवन का अंतिम दिन है। मृत्यु का समय निकट देखकर बहेलिया भयभीत हो गया। वह बहेलिया महर्षि अंगिरा की शरण में जा पहुंचा। उसने महर्षि से प्रार्थना की तब उन्होंने उस पर दया भाव दिखाते हुए, उससे पापाकुंशा एकादशी का व्रत करने के लिए कहा। तब इस व्रत को करने से बहेलिए के पाप नष्ट हुए और ईश्वर की कृपा से उसे मोक्ष की प्राप्ति हुई।

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