जहां लक्ष्मण जी ने रावण की बहन शूपर्णखा की नाक काटी
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रामायण रावण और राम के युद्घ की कहानी है। इन दोनों के बीच हुए युद्घ की प्रमुख कड़ी है सूपर्णखा यानी रावण की बहन।
एक दिन यह उस स्थान पर पहुंच गई जहां राम अपने अनुज लक्ष्मण और पत्नी सीता के साथ रहते थे। राम और लक्ष्मण को देखकर सूपर्णखा काम पीड़ित हो गई और सुंदरी स्त्री बनकर विवाह की इच्छा से इनके पास आई।
जब सूपर्णखा को देखकर भयभीत हो गई सीता
राम और लक्ष्मण पहले से विवाहित थे। इसलिए इन्होंने सूपर्णखा से विवाह करने से इंकार कर दिया। सूपर्णखा को इससे क्रोध आ गया और उसने सीता को मरने के लिए अपना वास्तविक राक्षसी रुप धारण किया।
सीता इससे भयभीत हो गई। सूपर्णखा के व्यवहार से क्रोधित होकर लक्ष्मण जी ने सूपर्णखा के नाक काट दिए।
यहां लक्ष्मण ने काटे थे रावन की बहन के नाक
जहां पर यह घटना हुई थी वह स्थान पंचवटी कहलाता है। पंचवटी महाराट्र के नासिक जिला में गोदावरी तट पर स्थित है। यहां पास में ही त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग भी स्थित है। पंचवटी में रामायण में वर्णित लक्ष्मण रेखा आज भी यहां मौजूद है। लेकिन अब यह रेखा एक नाले के रुप में है।
जहां पर सीता जी ने रावण को भिक्षा देने के लिए रेखा को पार किया था वहां देवी सीता का एक मंदिर बना हुआ है। अगर आप चाहें तो इस तीर्थ की यात्रा करके रामायण में वर्णित सीता हरण के उस क्षण का अनुभव कर सकते हैं।