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नवरात्र कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क Updated Mon, 15 Oct 2012 01:19 PM IST
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navratri 2012 auspicious muhurat of kalash sthapan

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नव का अर्थ है, नया और रात्र का अर्थ है अनुष्ठान, तो नवरात्र अर्थात् नया अनुष्ठान। शक्ति के नौ रूपों की आराधना नौ अलग-अलग दिनों में करने के क्रम को ही नवरात्र कहते हैं। मां जीवात्मा, परमात्मा, भूताकाश, चित्ताकाश व चिदाकाश में सर्वव्यापी हैं। यही मां ब्रह्मशक्ति हैं। इस दिन भक्तगण प्रातः स्नान आदि से निवृत्त होकर कलश स्थापना कर मां की पूजा शुरू करें।
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कलश स्थापन मुहूर्त
इस वर्ष शारदीय नवरात्र की शुरुआत 16 अक्तूबर मंगलवार से हो रही है। मंगल का ही नक्षत्र चित्रा सुबह 06 बजकर 45 मिनट तक रहेगा और शास्त्रानुसार चित्रा नक्षत्र में कलश स्थापन शुभ नहीं होता। अतः कलश स्थापन सुबह 06 बजकर 45 मिनट के बाद ही करें। कलश स्थापन का शुभ मुहूर्त सुबह 10.56 मिनट से 12.22 मिनट तक लाभ चौघड़िया एवं अभिजीत मुहूर्त है।


दोपहर 12.23 मिनट से 01.51 मिनट तक अमृत चौघड़िया आंशिक विजय मुहूर्त भी है। अतः इसी अवधि के मध्य कलश स्थापना मुहूर्त अधिक शुभ है। मंगलवार होने के परिणाम स्वरूप सुबह क्रमशः रोग, उद्वेग और चर चौघड़िया है। अतः इस अवधि के मध्य कलश स्थापना अधिक शुभ नहीं है। मां इस वर्ष घोड़े पर सवार होकर आ रही हैं, इसलिए शासन सत्ता भ्रष्टाचार के प्रति कठोर कदम उठाएंगी। 

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