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नवरात्रि आरती: कात्यायिनी माता की इस आरती से मिलता है व्रत का फल
Fri, 04 Oct 2019 07:53 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Fri, 04 Oct 2019 07:53 AM IST
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कात्यायनी देवी
- फोटो : SELF
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मां दुर्गाजी की छठी शक्ति है मां कात्यायनी देवी । दुर्गा मां की पूजा का छठवां दिन भी नवरात्रि के दिनों में बहुत जरूरी होता है। इनका यह रुप परम शक्तिदायी है । मां कत्यायनी के शरीर का रंग सोने की भांति सुशोभित होता है। एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल लेकर सुशोभित मां को कात्यायनी देवी शेर पर सवार है। साथ ही दूसरें दोनों हाथों में वरमुद्रा और अभयमुद्रा हैं। देवी की कृपा से सभी भक्तों की मुरादें पूरी होती हैं और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि रहती है। पुराणों के अनुसार मां दुर्गा ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया।
नवरात्रि के छठे दिन मां की यह आरती अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है।
जय जय अम्बे जय कात्यानी
जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा
वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है
यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते
हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की
ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली
अपना नाम जपाने वाली
ब्रह्स्पतिवार को पूजा करिए
ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी
भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे
कात्यानी सब कष्ट निवारे।
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नवरात्रि के छठे दिन मां की यह आरती अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है।
जय जय अम्बे जय कात्यानी
जय जगमाता जग की महारानी
बैजनाथ स्थान तुम्हारा
वहा वरदाती नाम पुकारा
कई नाम है कई धाम है
यह स्थान भी तो सुखधाम है
हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी
हर जगह उत्सव होते रहते
हर मंदिर में भगत है कहते
कत्यानी रक्षक काया की
ग्रंथि काटे मोह माया की
झूठे मोह से छुडाने वाली
अपना नाम जपाने वाली
ब्रह्स्पतिवार को पूजा करिए
ध्यान कात्यानी का धरिये
हर संकट को दूर करेगी
भंडारे भरपूर करेगी
जो भी माँ को 'चमन' पुकारे
कात्यानी सब कष्ट निवारे।