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Kumbh 2019 : पौष पूर्णिमा पर इस मंत्र के साथ करें स्नान, मिलेगा सुख-समृद्धि और मोक्ष का वरदान
Sun, 20 Jan 2019 12:06 PM IST
Ayush Jha
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: Ayush Jha
Updated Sun, 20 Jan 2019 12:06 PM IST
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भारत की आत्मा तीर्थों में निवास करती है। पृथ्वी पर तमाम तीर्थों में नदी तीर्थ का अपना विशेष स्थान है। हमारे यहां नदियों को माता के रूप में माना गया है। एक पावन तिथि पर एक विशेष घड़ी में इन नदियों में स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। नदी तीर्थ पर स्नान करते समय इस मंत्र का जाप सभी मनोकामना को पूर्ण करता हुआ मोक्ष प्रदान करता है —
गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
किसी भी पवित्र नदी में स्नान करते समय इस दिव्य मंत्र का जाप साधक को सभी तरह के कार्यों में सफलता प्रदान करता है।
पौष पूर्णिमा में गंगा स्नान
त्रिवेणी संगम में कुंभ के दौरान पौष पूर्णिमा पर स्नान-ध्यान का विशेष फल है। यही कारण है कि इस पावन तिथि पर मोक्ष की कामना लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर इस पावन नदी में डुबकी लगाने वाले को पतित पावनी मां गंगा सभी पापों से मुक्त करते हुए अक्षय पुण्य प्रदान करती हैं।
गंगा का मंत्र
पौष पूर्णिमा पर स्नान करते समय मां गंगा की कृपा और पापों से मुक्ति पाने के लिए इस विशेष मंत्र का पाठ अवश्य करें। श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इस मंत्र का जाप पापों से मुक्त करता हुआ जीवन को मंगलमय बनाता है।
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“गंगागंगेति योब्रूयाद् योजनानां शतैरपि ।
मुच्यते सर्व पापेभ्यो विष्णुलोकं सगच्छति । तीर्थराजाय नमः”
मात्र दर्शन से भी मिलता है मोक्ष
तन और मन को पवित्र करने वाली मां गंगा नदी में स्नान का तो विशेष फल मिलता ही है, महज दर्शन से ही साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसीलिए पुण्यसलिला मां गंगा को लेकर कहा भी गया है — गंगे तव दर्शनात् मुक्ति।
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गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।
किसी भी पवित्र नदी में स्नान करते समय इस दिव्य मंत्र का जाप साधक को सभी तरह के कार्यों में सफलता प्रदान करता है।
पौष पूर्णिमा में गंगा स्नान
त्रिवेणी संगम में कुंभ के दौरान पौष पूर्णिमा पर स्नान-ध्यान का विशेष फल है। यही कारण है कि इस पावन तिथि पर मोक्ष की कामना लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगाते हैं। मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर इस पावन नदी में डुबकी लगाने वाले को पतित पावनी मां गंगा सभी पापों से मुक्त करते हुए अक्षय पुण्य प्रदान करती हैं।
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गंगा का मंत्र
पौष पूर्णिमा पर स्नान करते समय मां गंगा की कृपा और पापों से मुक्ति पाने के लिए इस विशेष मंत्र का पाठ अवश्य करें। श्रद्धा एवं भक्ति के साथ इस मंत्र का जाप पापों से मुक्त करता हुआ जीवन को मंगलमय बनाता है।
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मुच्यते सर्व पापेभ्यो विष्णुलोकं सगच्छति । तीर्थराजाय नमः”
मात्र दर्शन से भी मिलता है मोक्ष
तन और मन को पवित्र करने वाली मां गंगा नदी में स्नान का तो विशेष फल मिलता ही है, महज दर्शन से ही साधक की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इसीलिए पुण्यसलिला मां गंगा को लेकर कहा भी गया है — गंगे तव दर्शनात् मुक्ति।