Kharmaas 2020: क्यों आते हैं हर वर्ष खरमास, जानिए इसकी पौराणिक कथा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जब सूर्य धनु राशि में संक्रांति करते हैं तो उसे धनु संक्राति कहा जाता है। धनु संक्रांति के दिन से एक माह के लिए खरमास प्रारंभ हो जाते हैं। सूर्य के धनु राशि में आने को शुभ नहीं माना जाता है और एक माह तक शुभ मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी सूर्य 15 दिसंबर 2020 को अपनी राशि बदल रहे हैं, इसलिए 15 तारीख से खरमास का आरंभ हो जाएगा। पौष माह को खरमास कहा जाता है। मकर संक्रांति के दिन से सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर जाते हैं, इसी के साथ खरमास समाप्त हो जाते हैं। चलिए जानते हैं कि क्यों आते हैं खरमास...
भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते रहते हैं। वे कहीं पर भी ठहरते नहीं हैं। मान्यता के अनुसार उनके रूकते ही जन-जीवन भी ठहर जाएगा और सारी सृष्टी का संचालन अस्त व्यस्त हो जाएगा। कथा के अनुसार एक बार जब सूर्यदेव के रथ में जुड़े हुए घोड़े लगातार चलने और विश्राम न मिलने के कारण भूख-प्यास से बहुत थक गए तो उनकी इस दयनीय दशा को देखकर सूर्यदेव का मन भी द्रवित हो गया। सूर्य देव ने सोचा कि घोड़े थोड़ा विश्राम कर लें और जल भी पी लें, इसके लिए वे उन्हें एक तालाब के किनारे ले गए, तभी सूर्य देव को ध्यान आया कि अगर उनका रथ रूका तो अनर्थ हो जाएगा। उसी समय वहां पर तालाब के किनारे दो खर यानि गधे मौजूद थे। भगवान सूर्यदेव घोड़ों को पानी पीने और विश्राम देने के लिए छोड़े देते हैं और खर अर्थात गधों को अपने रथ में जोत देते हैं।
घोड़े की गति जितनी तेज होती है, गधे की गति उतनी ही मंद होती है। इसी कारण रथ की गति धीमी हो जाती है। इसी तरह से एक मास का चक्र पूरा होता है, तब तक घोड़ों को विश्राम भी मिल चुका होता है, इस तरह यह क्रम चलता रहता है और हर सौर वर्ष में एक सौर खर मास कहलाता है। इसलिए खरमास के दिन प्रतिवर्ष आते हैं। गधे को संस्कृत में खर कहते हैं इसी कारण से पौष माह को खरमास कहा जाता है।
खरमास धनु संक्रांति से आरंभ होते हैं, इसलिए इस दिन लोग सूर्य को अर्घ्य देते हैं। धनु संक्रांति के दिन सत्यनारायण की कथा का पाठ भी किया जाता है और भगवान को मीठे पकवानों का भोग लगाया जाता है।