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गायत्री मंत्र का जप करते समय इन बातों का रखें ध्यान, जानिए इस मंत्र का अर्थ
Tue, 19 Nov 2019 02:31 PM IST
संजीव कुमार झा
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 19 Nov 2019 02:31 PM IST
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गायत्री मंत्र
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वेदों में गायत्री मंत्र को जीवन के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण और फायदेमंद बताया गया है। वेदों की कुल संख्या चार है और इन चारों वेदों में गायत्री मंत्र का वर्णन किया गया है।
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वेदों के अनुसार यदि आप रोजाना तीन बार इस मंत्र का जप करेंगे तो आस-पास नकारात्मक शक्तियां कभी नहीं आएगी। नौकरीपेशा हो या व्यापारी, विद्यार्थी हो या घरेलू महिलाएं गायत्री मंत्र का जप सभी लोगों के कष्टों का निवारण करता है।
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विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बहुत लाभदायक है। रोजाना इस मंत्र का 108 बार जप करने से विद्यार्थी को सभी प्रकार की समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। जैसे पढ़ने में मन नहीं लगना, याद किया हुआ भूल जाना, शीघ्रता से याद नहीं होना।
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व्यापार, नौकरी में हानि हो रही है या कार्य में सफलता नहीं मिल रही है और आमदनी कम है, व्यय अधिक है तो गायत्री मंत्र का जप काफी फायदा पहुंचाता है।
जानिए इस मंत्र का अर्थ
मंत्र - ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।
ॐ - ईश्वर , भू: - प्राणस्वरूप , भुव: - दु:खनाशक, स्व: - सुख स्वरूप, तत् - उस , सवितु: - तेजस्वी, वरेण्यं - श्रेष्ठ, भर्ग: - पापनाशक, देवस्य - दिव्य, धीमहि - धारण करे, धियो - बुद्धि ,यो - जो, न: - हमारी , प्रचोदयात् - प्रेरित करे
गायत्री मंत्र जप करते समय इन बातों का ध्यान रखना चाहिए
- गायत्री मंत्र को पढ़ते समय सही स्थिति में बैठना चाहिए। किसी आसन पर बैठकर ही गायत्री मंत्र का जप करना चाहिए।
- गायत्री मंत्र का जप सूर्योदय से दो घंटे पूर्व से लेकर सूर्यास्त से एक घंटे बाद तक किया जा सकता है।
- इस मंत्र का जाप नहाधोकर और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर करना चाहिए।
- अगर माला से गायत्री मंत्र का जप करना चाहते हैं तो 108 मनकों की माला को रखें।
- इस मंत्र को जल्दी -जल्दी नहीं पढ़ना चाहिए। इसके महत्व और अर्थ को समझकर ही उच्चारण करना चाहिए।
- पढ़ाई शुरू करने से पहले इस मंत्र को सही तरीके से जाप करें
- इस मंत्र का सही उच्चारण करना चाहिए